
'मेक इन इंडिया में फ्रांस अहम साझेदार, मिलकर बनाएंगे हथियार', पेरिस में बोले PM मोदी
AajTak
पीएम मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों ने शुक्रवार शाम संयुक्त रूप से प्रेस को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने फ्रांस के साथ अपने संबंधों को और मजबूत होने की बात कही, साथ ही कहा कि हम अपने सहयोग को रचनात्मक आकार देने के लिए इंडो-पैसिफिक सहयोग रोडमैप पर काम कर रहे हैं.
पीएम मोदी इस वक्त फ्रांस के दौरे पर हैं. यहां उन्होंने राष्ट्रपति मैक्रों से मुलाकात की और दोनों देशों के शीर्ष नेताओं की इस मुलाकात को भविष्य की कई योजनाओं के लिए काफी अहम माना जा रहा है. शुक्रवार शाम राष्ट्रपति मैक्रों और पीएम मोदी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर साझा बयान दिया. इस दौरान उन्होंने फ्रांस के साथ अपने संबंधों को और मजबूत होने की बात कही, साथ ही कहा कि हम अपने सहयोग को रचनात्मक आकार देने के लिए इंडो-पैसिफिक सहयोग रोडमैप पर काम कर रहे हैं.
फ्रांस के सर्वश्रेष्ठ राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित हुए पीएम मोदी शुक्रवार शाम को पीएम मोदी ने कहा- कल राष्ट्रपति मैक्रों ने मुझे फ्रांस के सर्वश्रेष्ठ राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया. ये सम्मान 140 करोड़ भारतीयों का सम्मान है. हम अपनी रणनीतिक साझेदारी की 25वीं वर्षगांठ मना रहे हैं. पिछले 25 वर्षों की मजबूत नींव पर हम आने वाले 25 वर्षों का रोडमैप तैयार कर रहे हैं,जो कि साहसिक और महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित कर रहा है.
मार्सिले में खोला जाएगा नया भारतीय वाणिज्य दूतावास उन्होंने कहा कि हम नवीकरणीय ऊर्जा, ग्रीन हाइड्रोजन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सेमीकंडक्टर, साइबर, डिजिटल प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए नई पहल को सामने रख रहे हैं. इसके साथ ही उन्होंने बताया कि भारत के UPI यानी यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस को फ्रांस में लॉन्च करने पर सहमति बन गई है. जलवायु परिवर्तन और पर्यावरण संरक्षण हमारी साझी और मुख्य प्राथमिकता रही है. इस दिशा में हमने पहले ही अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन की स्थापना की थी, जो अब एक आंदोलन बन गया है. हम फ्रांस के दक्षिण में मार्सिले शहर में एक नया भारतीय वाणिज्य दूतावास खोलेंगे.
हम फ्रांस में पढ़ रहे भारतीय मूल के लोगों को दीर्घकालिक वीजा देने के फैसले का स्वागत करते हैं. इंडो-पैसिफिक की निवासी शक्तियों के रूप में, भारत और फ्रांस की क्षेत्र में शांति और स्थिरता के लिए विशेष जिम्मेदारी है. हम अपने सहयोग को रचनात्मक आकार देने के लिए इंडो-पैसिफिक सहयोग रोडमैप पर काम कर रहे हैं.

ईरान ने दावा किया है कि उसकी नेवी के एयर डिफेंस ने दो अमेरिकी ड्रोन मार गिराए. ईरान की स्टेट मीडिया के मुताबिक ये दोनों सुसाइड ड्रोन कथित तौर पर अमेरिकी सेना के थे. ईरान की सेना के मुताबिक ड्रोन का पता लगाया गया, उसे ट्रैक किया गया और इससे पहले कि वो बंदर अब्बास नौसैनिक बेस को निशाना बनाते, उन्हें मार गिराया गया. देखें वीडियो.

ईरान-इजरायल युद्ध आज अपने 24वें दिन में प्रवेश कर चुका है, लेकिन शांति की कोई गुंजाइश दिखने के बजाय यह संघर्ष अब एक विनाशकारी मोड़ ले चुका है. ईरान द्वारा इजरायल के अराद और डिमोना शहरों पर किए गए भीषण मिसाइल हमलों से दुनिया हैरान है. ये शहर रणनीतिक रूप से अत्यंत संवेदनशील हैं, इसलिए अब यह जंग सीधे तौर पर परमाणु ठिकानों की सुरक्षा के लिए खतरा बन गई है. युद्ध का सबसे घातक असर ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ा है.

तेल टैंकरों के लिए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का रास्ता खोलने को लेकर ईरान को ट्रंप ने 48 घंटे की धमकी थी. समय सीमा खत्म होने से पहले ही नेटो एक्शन में आ गया है. नेटो महासचिव ने बताया कि होर्मुज में मुक्त आवाजाही सुवनिश्चित करने के लिए 22 देशों का समूह बन रहा है. साथ ही उन्होनें कहा कि ईरान के खिलाफ अमेरिका का कदम जरूरी था.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ईरान को होर्मुज पर धमकी अब उन्हीं पर उलटी पड़ चुकी है. ट्रंप ने ईरान को 48 घंटे की डेडलाइन देकर होर्मुज खोलने को कहा था, जिसके बाद अब ईरान ने ट्रंप के स्टाइल में ही उन्हें जवाब देते हुए कहा कि यदि अमेरिका उनपर हमला करेगा तो ईरान भी अमेरिका के एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाएगा.









