
मुस्लिम देश में इस्लाम छोड़ने के लिए सालों से भटक रही महिला, नहीं कर पा रही प्रेमी से शादी
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मलेशिया में एक महिला गैर मुस्लिम प्रेमी से शादी करने के लिए इस्लाम छोड़ना चाहती है लेकिन सालों बीत जाने के बाद भी वो ऐसा नहीं कर पाई है. वहां की अदालतें शरिया कोर्ट के फैसले के खिलाफ सुनवाई करने को तैयार नहीं हैं.
इस्लामिक देश मलेशिया में एक महिला को इस्लाम छोड़ने से रोक दिया गया है. महिला अपने गैर-मुस्लिम प्रेमी से शादी करने के लिए इस्लाम छोड़ना चाहती थी लेकिन अब कोर्ट ने उसे आदेश दिया गया है कि उसे एक मुस्लिम बनकर ही रहना होगा.
दरअसल, कुआलालांपुर की एक शरिया अदालत ने महिला के इस्लाम छोड़ने पर रोक लगाई है जिसके खिलाफ वो लगातार सिविल कोर्ट में अपील दायर कर रही है. महिला ने एक बार फिर से शरिया कोर्ट के फैसले के खिलाफ अपील दायर की थी जिसे खारिज कर दिया गया है. कोर्ट ने कहा है कि महिला शरिया कोर्ट के फैसले के खिलाफ जाकर इस्लाम नहीं छोड़ सकती.
मलेशिया की एक कोर्ट में तीन जजों की पीठ ने यह फैसला सुनाया है. इसी के साथ ही पीठ ने पिछले साल दिए गए अपील न्यायालय को फैसले के खिलाफ फिर से अपील करने की अनुमति देने से इनकार कर दिया है.
तीन जजों की पीठ की अध्यक्षता करने वाले जस्टिस हस्ना हशीन ने कहा कि फिर से अपील दायर करने की याचिका खारिज कर दी गई है.
महिला की वकील फहरी अज्जत ने कहा कि आज के फैसले से स्पष्ट हो गया है कि शरिया अदालतें अगर अनुमति नहीं देती हैं तो किसी इंसान के लिए इस्लाम छोड़ने का कोई कानूनी सहारा नहीं है.
उन्होंने अदालत के बाहर मीडिया से बात करते हुए कहा, 'मलेशिया में एक मुसलमान को धर्म की कोई आजादी नहीं है.' वकील का कहना था कि उसकी मुवक्किल शादी करने के लिए इस्लाम छोड़ना चाहती हैं लेकिन उन्हें ऐसा करने से रोका जा रहा है.

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