
मुश्किल से मिली थी नौकरी, फिर पहले दिन ही दे दिया रिजाइन... वजह जानकर हर कोई हैरान!
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दिल्ली बेस्ड एंप्लॉयी ने खुद पूरी कहानी सोशल मीडिया पर शेयर की है. हालांकि अब उसे अपने फैसले पर पछतावा हो रहा है. क्योंकि दिल्ली से गुरुग्राम जॉब करने बड़े पैमाने पर लोग जाते हैं.
पहली नौकरी और पहले दिन ही अगर कोई रिजाइन कर दे तो हर कोई जानना चाहेगा कि आखिर क्या वजह रही होगी? ऐसा ही एक मामला फिलहाल सोशल मीडिया पर चल रहा है. अधिकतर लोग युवा के फैसले से हैरान हैं.
आइए अब आपको पूरा माजरा बताते हैं. ये मामला दिल्ली का है, दिल्ली के एक युवा को पहली नौकरी गुरुग्राम में मिली. लेकिन उसने जॉब ज्वाइन करते ही पहले दिन रिजाइन दे दिया. सोशल मीडिया में उस युवक ने जो वजह बताई है. उससे हर कोई हैरान है. युवक का कहना है कि घर से दफ्तर काफी दूर होने की वजह से उसने पहले दिन ही नौकरी छोड़ दी.
लेकिन यहां तो दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद रोजाना लाखों लोग जॉब करने के लिए गुरुग्राम जाते हैं, फिर युवक ने इतनी अच्छी नौकरी बिना सोच-समझे क्यों छोड़ दी?
इस दिल्ली बेस्ड एंप्लॉयी ने खुद पूरी कहानी सोशल मीडिया पर शेयर की है. हालांकि अब उसे अपने फैसले पर पछतावा हो रहा है. क्योंकि दिल्ली से गुरुग्राम जॉब करने बड़े पैमाने पर लोग जाते हैं, और ऐसे लोग अब इस युवा को सलाह दे रहे हैं कि अच्छी नौकरी, अच्छी सैलरी के लिए कुछ तो परेशानी उठानी ही पड़ेगी. घर बैठे नौकरी कहां मिलती है?
यह युवा दिल्ली के नॉर्थ वेस्टर्न इलाके में रहता था. उसने बताया कि इंटरव्यू के कई राउंड्स कंप्लीट करने के बाद उसे ये जॉब मिली थी. मैं बहुत एक्साइटेड था.. क्योंकि ये मेरी पहली नौकरी थी. लेकिन फिर एहसास हुआ कि इस जॉब के लिए रोजाना बहुत ज्यादा ट्रैवल करना पड़ेगा. क्योंकि मैं दिल्ली के नॉर्थ वेस्ट इलाके में पिंकलाइन पर रह रहा था और जॉब Moulsari Avenue में थी. युवा के मुताबिक इस जॉब की वजह से वो घर पर केवल 3 घंटे ही रह पाता. इसके अलावा ट्रैवलिंग पर 5000 रुपये खर्च करने पड़ जाते. जिसके बाद उसने रिजाइन दे दिया.
युवा ने अपनी कहानी बताते हुए Reddit पर लोगों से राय मांगी थी. जिसके बाद लोगों ने बताया कि ज्यादातर अच्छी कंपनियां गुरुग्राम में ही हैं. इसलिए अच्छी नौकरी के लिए सफर तो करना ही पड़ेगा. एक यूजर ने अपना एक्सपीरिएंस शेयर करते हुए लिखा कि मैं गाजियाबाद से रोज गुरुग्राम जाता हूं. एक साइड में ट्रैवल करने के मुझे लगभग 120-130 मिनट लगते हैं. मैं अपने सीनियर्स से पढ़ने के लिए किताबें मंगवा लेता हूं और मेट्रो में पढ़ता हूं. 6 सालों से ये ऐसी ही नौकरी चल रही है.

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