
मुश्किल में यूनुस सरकार! ट्रंप ने रोकी बांग्लादेश को दी जाने वाली विदेशी मदद
AajTak
एनपीआर के अनुसार, विदेश मंत्री मार्को रुबियो की ओर से साइन किए गए ज्ञापन में कहा गया है कि सभी विदेशी सहायता की व्यापक समीक्षा 85 दिनों के भीतर पूरी कर ली जाएगी और विदेश मंत्री के विचार और राष्ट्रपति को सिफारिश के लिए एक रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी.
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 90 दिनों के लिए हर तरह की विदेशी सहायता पर रोक लगा दी है, जिसके बाद अमेरिका की अंतरराष्ट्रीय विकास एजेंसी (USAID) ने शनिवार को मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम बांग्लादेश सरकार को दी जाने वाली फंडिंग को सस्पेंड कर दिया.
यह शुक्रवार को अमेरिकी विदेश विभाग के उस आदेश के बाद आया है जिसमें सभी मौजूदा विदेशी सहायता को रोक दिया गया है. साथ ही ट्रंप के नए कार्यकारी आदेश के तहत नई सहायता को भी रोक दिया गया है. हालांकि इस सूची से केवल इजरायल और मिस्र को बाहर रखा गया है.
'सिफारिश के लिए राष्ट्रपति को भेजी जाएगी रिपोर्ट'
एनपीआर के अनुसार, विदेश मंत्री मार्को रुबियो की ओर से साइन किए गए ज्ञापन में कहा गया है कि सभी विदेशी सहायता की व्यापक समीक्षा 85 दिनों के भीतर पूरी कर ली जाएगी और विदेश मंत्री के विचार और राष्ट्रपति को सिफारिश के लिए एक रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी.
विदेशी सहायता के 'पुनर्मूल्यांकन और पुनर्गठन' पर ट्रंप के कार्यकारी आदेश का हवाला देते हुए, यूएसएआईडी ने बांग्लादेश में अपने भागीदारों को एक बयान जारी किया, जिसमें उन्हें अपने अनुबंध के तहत किए गए किसी भी कार्य को तुरंत रोकने का निर्देश दिया गया.
यूनुस सरकार की मुश्किलें बढ़ीं

ईरान ने दावा किया है कि उसकी नेवी के एयर डिफेंस ने दो अमेरिकी ड्रोन मार गिराए. ईरान की स्टेट मीडिया के मुताबिक ये दोनों सुसाइड ड्रोन कथित तौर पर अमेरिकी सेना के थे. ईरान की सेना के मुताबिक ड्रोन का पता लगाया गया, उसे ट्रैक किया गया और इससे पहले कि वो बंदर अब्बास नौसैनिक बेस को निशाना बनाते, उन्हें मार गिराया गया. देखें वीडियो.

ईरान-इजरायल युद्ध आज अपने 24वें दिन में प्रवेश कर चुका है, लेकिन शांति की कोई गुंजाइश दिखने के बजाय यह संघर्ष अब एक विनाशकारी मोड़ ले चुका है. ईरान द्वारा इजरायल के अराद और डिमोना शहरों पर किए गए भीषण मिसाइल हमलों से दुनिया हैरान है. ये शहर रणनीतिक रूप से अत्यंत संवेदनशील हैं, इसलिए अब यह जंग सीधे तौर पर परमाणु ठिकानों की सुरक्षा के लिए खतरा बन गई है. युद्ध का सबसे घातक असर ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ा है.

तेल टैंकरों के लिए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का रास्ता खोलने को लेकर ईरान को ट्रंप ने 48 घंटे की धमकी थी. समय सीमा खत्म होने से पहले ही नेटो एक्शन में आ गया है. नेटो महासचिव ने बताया कि होर्मुज में मुक्त आवाजाही सुवनिश्चित करने के लिए 22 देशों का समूह बन रहा है. साथ ही उन्होनें कहा कि ईरान के खिलाफ अमेरिका का कदम जरूरी था.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ईरान को होर्मुज पर धमकी अब उन्हीं पर उलटी पड़ चुकी है. ट्रंप ने ईरान को 48 घंटे की डेडलाइन देकर होर्मुज खोलने को कहा था, जिसके बाद अब ईरान ने ट्रंप के स्टाइल में ही उन्हें जवाब देते हुए कहा कि यदि अमेरिका उनपर हमला करेगा तो ईरान भी अमेरिका के एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाएगा.









