
'मुल्क वहां पहुंच गया है जहां या तो इमरान खान मारे जाएंगे या हम,' पाक के गृह मंत्री का बयान
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पाकिस्तान के गृह मंत्री राणा सनाउल्लाह ने कहा कि अब मुल्क वहां पहुंच गया है, जहां यां तो इमरान खान मारे जाएंगे या फिर हम. इतना ही नहीं, जब उनसे ये पूछा गया कि क्या उनके इस बयान से पाकिस्तान में अराजकता नहीं फैलेगी, तो उन्होंने कहा कि यहां तो पहले से ही अराजकता है.
पाकिस्तान के गृह मंत्री राणा सनाउल्लाह ने पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने इमरान को सत्तारूढ़ PML-N का 'दुश्मन' करार दिया. साथ ही कहा कि वह देश की राजनीति को उस प्वाइंटपर ले गए हैं जहां या तो (इमरान) हत्या कर दी जाएगी या हमारी.
सनाउल्लाह ने एक इंटरव्यू में कहा कि 'या तो इमरान खान मारे जाएंगे या हम. क्योंकि इमरान इस देश की राजनीति को अब उस मुकाम पर ले गए हैं, जबां दोनों में से एक ही रह सकता है. या तो पीटीआई या फिर पीएमएल-एन. उन्होंने कहा कि पीएमएलएन का पूरा अस्तित्व खतरे में है और हम उसके साथ हिसाब बराबर करने के लिए उसके खिलाफ किसी भी हद तक जा सकते हैं. इमरान खान ने राजनीति को दुश्मनी में बदल दिया है. वह अब हमारा दुश्मन है और उसके साथ ऐसा ही व्यवहार किया जाएगा.
राणा सनाउल्लाह को पूर्व प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ का करीबी माना जाता है. उन्होंने कहा कि है कि इमरान खान की पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ ने राजनीतिक हलकों के बीच एक जबर्दस्त आक्रोश पैदा कर दिया है.
इमरान खान ने पिछले साल नवंबर में पंजाब के वजीराबाद में एक रैली के दौरान उन पर हुए अटैक के बाद राणा सनाउल्लाह का नाम लिया था. उन्होंने कहा था कि सनाउल्लाह ही उनकी हत्या के प्रयास के पीछे मुख्य साजिश कर्ता हैं. जब इमरान ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कराई तो प्रधान मंत्री शहबाज शरीफ और एक वरिष्ठ आईएसआई अधिकारी का भी उल्लेख किया था.
यह पूछे जाने पर कि क्या इस तरह की टिप्पणी से पाकिस्तान में अराजकता फैल सकती है, मंत्री ने कहा कि पाकिस्तान में पहले से ही अराजकता है. वहीं, सनाउल्लाह के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए पीटीआई नेता और पूर्व सूचना मंत्री फवाद चौधरी ने कहा कि इमरान खान को पीएमएलएन गठबंधन सरकार से जान का खतरा है. उन्होंने सवाल पूछते हुए कहा कि सनाउल्लाह गिरोह चला रहे हैं या सरकार? सुप्रीम कोर्ट का शरीफ के नेतृत्व वाली पीएमएलएन को सिसिली माफिया घोषित करना सही था और उनका बयान इसका सबूत है. पीटीआई ने सुप्रीम कोर्ट से इस पर संज्ञान लेने का भी आग्रह किया कि इमरान खान की जान को खुला खतरा है.

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