
मिसाइल भी नहीं कर सकता बाल बांका, इस बंकर में होती है नेतन्याहू की खास मीटिंग
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इजरायल का नेशनल मैनेजमेंट सेंटर (बंकर) किसी साइंस फिक्शन फिल्म की तरह दिखता है. हमास और इजरायल में जारी जंग के बीच येरूशलम स्थित यह बंकर एक बार फिर चर्चा में है. इस पर मिसाइल हमलों का भी कोई असर नहीं होगा. पहली बार 2011 में इसका इस्तेमाल किया गया था.
हमास और इजरायल में जारी जंग के बीच येरूशलम स्थित नेशनल मैनेजमेंट सेंटर (National Management Center (NMC) एक बार फिर चर्चा में है. नेशनल मैनेजमेंट सेंटर एक तरह का मजबूत बंकर है, जिस पर मिसाइल हमलों का भी कोई असर नहीं पड़ेगा.
दरअसल, हमास और इजरायल में जारी युद्ध के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन इजरायल पहुंचे थे. इस दौरान कयास लगाए जा रहे थे कि अमेरिकी राष्ट्रपति और इजरायली प्रधानमंत्री के बीच जो मीटिंग होगी, हमास के हमले और सुरक्षा को देखते हुए वह मीटिंग शायद इसी बंकर में होगी. क्योंकि पिछले दो-तीन महीने में इजारयली पीएम नेतन्याहू ने अपनी कैबिनेट की तीन बैठकें इसी बंकर में की थीं. हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडेन तेल अवीव से ही लौट गए.
क्या है इसकी खासियत?
इजरायल का नेशनल मैनेजमेंट सेंटर (बंकर) किसी साइंस फिक्शन फिल्म की तरह दिखता है. यह बंकर इजरायल के शीर्ष अधिकारियों और नेताओं को एक अत्यंत ही हार्डेनेड और कंट्रोल साइट के रूप में सुविधा प्रदान करता है. ताकि किसी बड़े संकट में वो देश को सुचारू रूप से चलाते रहें.
इजरायल का यह बंकर इसलिए भी अन्य देशों के बंकर से अलग है क्योंकि अन्य देशों की तुलना में इसकी जानकारी अत्यधिक गोपनीय नहीं है. हालांकि, इसका यह मतलब नहीं है कि यह बंकर लो प्रोफाइल वाला है या अन्य देशों की तरह कारगर नहीं है.
यरूशलम के नेशनल क्वार्टर क्षेत्र में इजरायली संसद (नेसेट), विदेश मंत्री आवास, प्रधानमंत्री आवास और सुप्रीम कोर्ट के नजदीक स्थिति इस बंकर की स्थापना की शुरुआत 2006 के लेबनान युद्ध के बाद की गई थी. इसका तत्कालिक कारण लेबनान द्वारा उत्तरी इजरायल में लगातार रॉकेट हमला था.

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