
मिडिल ईस्ट में 10वीं-12वीं के बोर्ड एग्जाम कैंसिल की खबर निकली फेक, CBSE ने जारी किया खंडन
ABP News
इस नोटिस में दावा किया गया कि मिडिल ईस्ट क्षेत्र में कक्षा 10 और 12 की कुछ बोर्ड परीक्षाएं रद्द कर दी गई हैं. इस खबर ने वहां पढ़ रहे हजारों भारतीय छात्रों और उनके माता-पिता को परेशान कर दिया.
बोर्ड परीक्षाओं का समय हर साल छात्रों और उनके परिवारों के लिए बेहद अहम और तनावपूर्ण होता है. खासकर कक्षा 10 और 12 की परीक्षाएं छात्रों के भविष्य की दिशा तय करने में जरूरी भूमिका निभाती हैं. ऐसे समय में अगर किसी परीक्षा को रद्द करने या स्थगित करने की खबर सामने आती है, तो छात्रों और अभिभावकों के बीच चिंता और भ्रम की स्थिति पैदा हो जाती है. हाल ही में मध्य पूर्व के कुछ देशों में चल रहे तनाव के बीच सोशल मीडिया पर एक नोटिस तेजी से वायरल हुआ.
इस नोटिस में दावा किया गया कि ईरान-इजरायल जंग के बीच मिडिल ईस्ट क्षेत्र में कक्षा 10 और 12 की कुछ बोर्ड परीक्षाएं रद्द कर दी गई हैं. इस खबर ने वहां पढ़ रहे हजारों भारतीय छात्रों और उनके माता-पिता को परेशान कर दिया, लेकिन अब केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने साफ कर दिया है कि यह खबर पूरी तरह से फर्जी है और ऐसा कोई फैसला नहीं लिया गया है.
क्या था फेक नोटिस में दावा?
सोशल मीडिया पर शेयर किए जा रहे इस कथित नोटिस का शीर्षक संबद्ध स्कूलों के लिए नोटिस (मध्य पूर्व क्षेत्र) था. इसमें कहा गया था कि 28 फरवरी 2026 के बाद होने वाले कक्षा 10 और 12 के सभी शेष भाषा विषयों के पेपर मिडिल ईस्ट क्षेत्र में रद्द कर दिए गए हैं. 7 मार्च 2026 को होने वाली कक्षा 10 की सामाजिक विज्ञान परीक्षा भी मध्य पूर्व के परीक्षा केंद्रों पर आयोजित नहीं होगी. वहीं प्रभावित विषयों के लिए छात्रों को अंक आंतरिक मूल्यांकन, प्री-बोर्ड परीक्षा और निरंतर मूल्यांकन (Continuous Assessment) के आधार पर दिए जाएंगे. किसी भी छात्र को इन विषयों में फेल नहीं किया जाएगा. नोटिस पर परीक्षा नियंत्रक का नाम भी लिखा था और उसका फॉर्मेट आधिकारिक सीबीएसई सर्कुलर जैसा दिख रहा था, जिससे लोग इसे सच मान बैठे और भ्रम और भी बढ़ गया.













