
मालदीव की भारत समर्थक सरकार पैगंबर मोहम्मद मामले में यूं हुई मजबूर
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मालदीव की सरकार ने एक बयान जारी कर कहा था कि वह पैगंबर मोहम्मद और इस्लाम का अपमान करने की मंशा से दिए गए बीजेपी के कुछ नेताओं के आपत्तिजनक बयान को लेकर चिंतित है. हालांकि, मालदीव सरकार भारत की समर्थक मानी जाती है.
पैगंबर मोहम्मद पर बीजेपी नेताओं के विवादित बयान को लेकर जहां अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत सरकार की आलोचना हुई. वहीं, इस बीच मालदीव सरकार की चुप्पी ने भी सुर्खियां बटोरी.
इस्लामिक देश होने के बावजूद इन विवादित बयानों को लेकर भारत सरकार के खिलाफ एक शब्द भी नहीं बोलने की आलोचना हुई. इसकी वजह है कि मालदीव की सत्तारूढ़ सरकार भारत समर्थक है.
छह जून को पैगंबर मोहम्मद पर टिप्पणी को लेकर मालदीव के विपक्ष ने संसद में एक आपातकालीन प्रस्ताव पेश किया.
विपक्षी पार्टी पीपुल्स नेशनल कांग्रेस के सांसद एडम शरीफ उमर ने यह प्रस्ताव पेश करते हुए इन विवादित बयानों की निंदा की थी.
इसके बाद सत्तारूढ़ मालदीवियन डेमोक्रेटिक पार्टी (एमडीपी) सरकार पर दबाव बढ़ा और उसी शाम सरकार ने आनन-फानन में बयान जारी किया.
भारत समर्थक अबू सोलिह सरकार ने बयान में कहा कि वह पैगंबर मोहम्मद और इस्लाम का अपमान करने की मंशा से दिए गए बीजेपी के कुछ नेताओं के आपत्तिजनक बयान को लेकर चिंतित हैं.

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