
मादुरो कैद में, अब राष्ट्रपति पेट्रो की बारी है! आखिर कोलंबिया को क्यों धमका रहे हैं ट्रंप?
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कोलंबिया के राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो पर कोकीन तस्करी और अमेरिका के खिलाफ साजिश के गंभीर आरोप लगाए हैं. ट्रंप वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के बाद कोलंबिया पर भी सैन्य कार्रवाई कर सकते हैं.
'कोलंबिया बहुत बीमार है. वहां एक बीमार आदमी शासन चला रहा है, जिसे कोकीन बनाना और उसे अमेरिका में बेचना पसंद है. लेकिन वो यह काम ज्यादा समय तक नहीं कर पाएगा...', ट्रंप ने ये शब्द कोलंबिया के राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो के लिए इस्तेमाल किए हैं. इन शब्दों के साथ ही ट्रंप ने साफ कर दिया है कि कोलंबियाई राष्ट्रपति का हाल भी कुछ-कुछ वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो जैसा हो सकता है.
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने शनिवार रात एक ऑपरेशन में वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को उनके आवास से गिरफ्तार कर लिया. 'ऑपरेशन एब्सोल्यू रिजॉल्व' मिशन के तहत अमेरिकी सैनिकों ने वेनेजुएला की राजधानी काराकास को चारों तरफ से घेर लिया गया. हवा, जमीन और समुद्र के जरिए चले इस ऑपरेशन में कुल 2 घंटे और 20 मिनट लगे जिसमें मादुरो समेत उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को उनके बेडरूम में गिरफ्तार कर अमेरिका ले जाया गया.
मादुरो पर अमेरिका में नार्को-टेररिज्म फैलाने, कोकीन की तस्करी, मशीनगन और विनाशकारी हथियारों के जरिए अमेरिका के खिलाफ साजिश के गंभीर आरोप लगाए गए हैं.
रात के अंधेरे में अचानक हुए इस ऑपरेशन ने वेनेजुएला समेत पूरी दुनिया को चौंका दिया. भारत ने भी इस ऑपरेशन पर चिंता व्यक्त की है. विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत वेनेजुएला के लोगों की भलाई और सुरक्षा के प्रति अपना समर्थन दोहराता है. मंत्रालय ने सभी पक्षों से शांति और कूटनीति का रास्ता अपनाने की अपील की.
ट्रंप की हालिया धमकियों से साफ है कि उनका फोकस अब कोलंबिया पर है. वो वेनेजुएला की तरह कोलंबिया के खिलाफ भी सैन्य कार्रवाई को तैयार हैं. अपने आधिकारिक विमान एयर फोर्स वन में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा, 'ऐसी किसी कार्रवाई का आइडिया मुझे अच्छा लगता है.'
पिछले कई महीनों से अमेरिका और कोलंबिया के रिश्तों में तनाव बना हुआ है. कोलंबियाई राष्ट्रपति पेट्रो कैरिबियन क्षेत्र में अमेरिकी सेना की बढ़ती मौजूदगी से बेहद नाराज हैं. वो ट्रंप के सबसे कड़े अंतरराष्ट्रीय आलोचकों में गिने जाते रहे हैं.

वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को गिरफ्तार करने के बाद अब डोनाल्ड ट्रंप की नजरें ग्रीनलैंड पर हैं. उनका तर्क है कि सुरक्षा वजहों से अमेरिका के पास ग्रीनलैंड होना ही चाहिए. ट्रंपियन जिद से चर्चा में आया देश कुछ साल पहले भी चर्चा में था, जब वहां की टीनएज लड़कियों पर चुपके से हुए प्रयोग की पोल खुली थी.

वेनेजुएला के मौजूदा संकट को देखते संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की सोमवार को इमरजेंसी मीटिंग बुलाई गई. जिसमें राष्ट्रपति ट्रंप के एक्शन को लेकर चिंता ज़ाहिर की गई. वहीं डेमोक्रेट्स नेता समेत कोलंबिया, रूस, चीन और तुर्किए ने कड़े शब्दों में निंदा की है और कार्रवाई को गैर कानूनी बताया. देखें दुनिया आजतक.

अमेरिका के मैरीलैंड में रहने वाली भारतीय मूल की निकिता राव गोदिशाला की हत्या का मामला सामने आया है. निकिता एक प्रतिभाशाली डेटा एनालिस्ट थीं जिन्हें हाल ही में कंपनी से सम्मान मिला. उनकी हत्या उनके पूर्व बॉयफ्रेंड अर्जुन शर्मा ने की, जिसने वारदात के बाद भारत भागना चुना. पुलिस ने अर्जुन शर्मा के खिलाफ फर्स्ट और सेकेंड डिग्री मर्डर के आरोप में वारंट जारी किया है.

वेनेजुएला के राष्ट्रपति को उठाने के बाद अमेरिका ने खुल्लम खुल्ला ऐलान कर दिया है कि वो अपने इलाके में किसी नहीं चलने देगा. संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका के राजदूत ने स्पष्ट कहा है कि आप वेनेजुएला को ईरान, हिज़्बुल्लाह, गैंग्स, क्यूबा के इंटेलिजेंस एजेंट्स और उस देश को कंट्रोल करने वाले दूसरे बुरे लोगों के लिए ऑपरेटिंग हब नहीं बना सकते. US का ये बयान चीन और रूस को साफ संदेश है.

अमेरिकी सेना ने सैन्य ऑपरेशन चलाकर वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को गिरफ्तार कर लिया. डोनाल्ड ट्रंप का आरोप है कि मादुरो सरकार की शह पर उनके देश तक नशे की सप्लाई हो रही थी. वेनेजुएला पर अटैक के बाद आशंका जताई जा रही है कि अमेरिका कई और देशों पर हमलावर हो सकता है. क्यूबा का नाम इसमें टॉप पर है.

ईरान में 10 दिनों से जारी विरोध प्रदर्शन देश के 78 से अधिक शहरों में फैल चुके हैं. इन प्रदर्शनों में अब तक 35 लोग मारे गए हैं और 1,200 से अधिक लोग हिरासत में लिए गए हैं. प्रदर्शन की शुरुआत आर्थिक संकट, मुद्रा की गिरावट और बढ़ती महंगाई के खिलाफ हुई थी, लेकिन अब यह खामेनेई शासन के खिलाफ व्यापक असंतोष में बदल गया है.

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निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के बाद वेनेजुएल पर अमेरिकी दबाव थमने का नाम नहीं ले रहा. अब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सीधे उप राष्ट्रपति डेल्सी को निशाने पर ले लिया है. ट्रंप ने कहा है कि अगर डेल्सी ने अमेरिका की शर्तें नहीं मानी तो अंजाम मादुरो से ज्यादा बुरा होगा. ट्रंप ने अमेरिकी मैग्जीन The Atlantic को दिए फोन इंटरव्यू में कहा कि अगर डेल्सी वो नहीं करती हैं जो अमेरिका वेनेजुएला के लिए सही मनता है तो उन्हें बहुत बड़ी कीमत चुकानी पड़ेगी.

वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी ने पूरी दुनिया को चौंका दिया है. इस हाई-प्रोफाइल सैन्य कार्रवाई के पीछे अपनों का विश्वासघात और कूटनीतिक सौदेबाजी की छिपी हुई थ्योरी सामने आ रही है. बताया जा रहा है कि मादुरो को चीन, रूस और ईरान जैसे दोस्तों के साथ-साथ उनके अपने सुरक्षाकर्मी ने भी धोखा दिया.

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