
मातम के सन्नाटे में बदला आस्था का शोर... हरिद्वार के मनसा देवी मंदिर में हादसे के बाद दिखा भयावह मंजर
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सावन के पवित्र महीने में हरिद्वार के श्री मनसा देवी मंदिर में रविवार सुबह एक दर्दनाक हादसा हुआ. इस हादसे में छह लोगों की मौत हो गई और कई लोग घायल हो गए. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस हादसे पर दुख जताया है.
Haridwar mansa devi temple stampede: सावन का पवित्र महीना चल रहा है. इस पवित्र महीने में आस्था का सैलाब उत्तराखंड का हरिद्वार में देखने को मिलता है. भक्त शिवालयों की ओर उमड़ते हैं, हरियाली और भक्ति के संगम से उत्तराखंड का हरिद्वार गूंजता है. 27 जुलाई यानि आज का दिन एक आम दिन की तरह था, जो कभी आम नहीं रह गया. हर रोज की तरह हजारों श्रद्धालु श्री माता मानसा देवी के मंदिर दर्शन करनी पहुंची थी. लोग खुद और परिवार के लिए मन्नत मांगने आए थे. लेकिन किसी पता थी कि मंदिर दर्शन के दौरान इतनी बड़ी अप्रिय घटना घट जाएगी.
रविवार सुबह क़रीब 8 से 9 बजे के बीच श्रद्धालुओं की भारी भीड़ मनसा देवी पहुंचने लगी. सुबह क़रीब लगभग 10 बजे भीड़ और बढ़ गई. सुबह 11 बजकर 39 मिनट से 11 बजकर 44 मिनट के बीच मंदिर के सीढ़ी मार्ग पर अचानक भगदड़ मच गई. कई रिपोर्ट्स के अनुसार, करंट फैलने का अफवाह फैल गया जिसके कारण वहां अफरा-तफरा मच गई.
इस अफरा-तफरी में छह लोगों की दर्दनाक मौत हो गई और कई घायल हो गए. घायलों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया. घायलों में छोटे बच्चे भी शामिल हैं. मंदिर मार्ग में चीखें और रोने की आवाजें सुनाई देने लगीं. यह पूरा नजारा किसी पूरे सपने से कम नहीं था.
दोपहर 12 बजे उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हादसे पर दुख प्रकट करते हुए मुआवजे का ऐलान किया. प्रदेश सरकार द्वारा मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाने बीत कही गई.
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि ये हादसा हृदय विदारक है और इसके जांच के लिए मजिस्ट्रियल जांच के निर्देश दिए. फिर उन्होंने मंदिर मार्ग पर हुई दुघर्टना में घायल हुए लोगों और उनके परिजनों से मुलाकात की.
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