
'मां कसम वो ऐसा नहीं कर पाएंगे...', तीन दिन बाद आया मादुरो के बेटे का बयान, ट्रंप को ललकारा
AajTak
वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो 3 दिनों से अमेरिका के कब्जे में हैं. इस बीच मादुरो के बेटे गुएरा का एक बयान सामने आया है. उन्होंने मां की कसम खायी है और कहा है कि अमेरिका अपने मन की नहीं कर पाएगा. गुएरा ने यह भी कहा है कि इतिहास तय करेगा कि गद्दार कौन है.
'इतिहास बताएगा कि गद्दार कौन था.' 'इतिहास जिम्मेदार लोगों को बेनकाब करेगा.' गुस्से से भरा ये बयान वेनेजुएला के अपदस्थ राष्ट्रपति निकोलस मादुरो के बेटे निकोलस मादुरो गुएरा ने दिया है. गुएरा ने कहा है कि वेनेजुएला को कुछ लोगों ने धोखा दिया है. उन्होंने कहा है कि आने वाला समय इन चेहरों को बेनकाब कर इंसाफ करेगा.
वेनेजुएला में शांति तो है लेकिन तनाव का आलम है. इस बीच राष्ट्रपति निकोलस मादुरो के बेटे मादुरो गुएरा का पूरे घटनाक्रम पर बयान आया है. मादुरो के बेटे गुएरा का ऑडियो संदेश सोशल मीडिया पर सर्कुलेट हो रहा है.
इस ऑडियो मैसेज में गुएरा कह रहे हैं, "इतिहास बताएगा कि गद्दार कौन थे, इतिहास इसका खुलासा करेगा. हम देखेंगे."
अपने भावुक संदेश में गुएरा कहते हैं, "हम ठीक हैं, हम शांत हैं. आप हमें सड़कों पर इन लोगों के साथ देखेंगे. वे हमें कमजोर देखना चाहते हैं; हम सम्मान और गरिमा के झंडे बुलंद करेंगे. क्या इससे हमें दुख होता है? बेशक हमें दुख होता है, बेशक हमें गुस्सा आता है, लेकिन वे ऐसा नहीं कर पाएंगे, धिक्कार है इस पर. मैं अपनी ज़िंदगी की, अपनी मां की, सीलिया की कसम खाता हूं. वे ऐसा नहीं कर पाएंगे."
गुएरा ने अमेरिका से अपने पिता को लौटाने की मांग की है.
मादुरो के बेटे ने कहा कि उन्होंने समर्थकों से 4 और 5 जनवरी को सार्वजनिक आंदोलनों में हिस्सा लेने का भी आह्वान किया ताकि वे लीडरशिप के इर्द-गिर्द जमा हो और एकता को मजबूत कर सके.

अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच मिडिल ईस्ट वॉर से भी पहले से जंग चल रही है. पाकिस्तान का आरोप है कि अफगानिस्तान की तालिबान सरकार टीटीपी जैसे आतंकी समूहों को पनाह दे रही है जो पाकिस्तान में हमले करते हैं. लेकिन तालिबान ने इन आरोपों को खारिज किया है. दोनों देशों का झगड़ना चीन के हितों के खिलाफ जा रहा है जिसे देखते हुए उसने एक प्रस्ताव रखा था. पाकिस्तान ने सामने से उसे खारिज कर दिया है.

भारत ने ईरान में रह रहे अपने नागरिकों को सलाह दी है कि वे बिना भारतीय दूतावास की अनुमति और संपर्क के किसी भी जमीनी सीमा को पार करने की कोशिश न करें. दूतावास ने चेतावनी दी है कि ऐसा करने पर लोगों को गंभीर लॉजिस्टिक और इमीग्रेशन संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है. यह सलाह अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद बढ़े तनाव के बीच जारी की गई है. दूतावास ने भारतीयों से आधिकारिक संपर्क में रहने और हेल्पलाइन नंबरों पर मदद लेने की अपील की है. दूतावास ने कहा, 'हमें बताए बिना ईरान न छोड़ें'. दूतावास ने हेल्पलाइन नंबर जारी किया है.

अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी जंग का आज 17वां दिन है. हर दिन बीतने के साथ ये जंग और भीषण होती जा रही है क्योंकि अब अमेरिका-इजरायल के हमलों का जवाब देने के लिए ईरान ने एडवांस मिसाइलों का इस्तेमाल शुरू कर दिया है. 28 फरवरी से चल रहे युद्ध में ईरान ने पहली बार अपनी सबसे आधुनिक बैलिस्टिक मिसाइलों में से एक सेजिल से इजरायल को टारगेट किया है. सेजिल मिसाइल एयर डिफेंस सिस्टम को चकमा देने में माहिर है, इसी वजह से इसे डांसिंग मिसाइल भी कहा जाता है. ईरान की ओर से सेजिल मिसाइल का इस्तेमाल होने से युद्ध में और तेजी आने का साफ संकेत मिल रहा है.

मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच इजरायल के शहर तेल अवीव पर मिसाइल हमला हुआ है. सोशल मीडिया और सीसीटीवी फुटेज में वो पल कैद हुआ है जब ईरान की मिसाइल तेल अवीव की एक सड़क पर आकर गिरती दिखाई देती है. इज़रायल पुलिस के मुताबिक इस हमले में क्लस्टर वारहेड का इस्तेमाल किया गया, जिससे कई छोटे बम अलग-अलग जगहों पर गिरकर फटे और आसपास के कई इलाकों को नुकसान पहुंचा. देखें वीडियो.

क्या ईरान युद्ध में अमेरिका फंस गया है? स्ट्रेट ऑफ होर्मुज ट्रंप के लिए अब बड़ी चुनौती बन गया है. ट्रंप दावे तो बहुत करते हैं, लेकिन हकीकत ये है कि होर्मुज समुद्री मार्ग अभी भी बंद है. ईरान जिसे चाहता है उसके जहाज जाने देता है. बिना ईरान की सहमति के कोई जहाज वहां से नहीं निकल सकता. देखें श्वेता सिंह की ये रिपोर्ट.








