
महाराष्ट्र की ट्रेनी IAS पूजा खेडकर की मां ने मीडिया को दी धमकी, कैमरे पर हाथ मारा
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महाराष्ट्र काडर की ट्रेनी IAS पूजा खेडकर की मां गुरुवार को मीडिया पर भड़क गईं. उन्होंने घर के बहार खड़े होकर वीडियो बनाने वाले मीडियाकर्मियों पर हमला कर दिया. पूजा खेडकर की मां ने कहा कि अगर मेरी बेटी ने सुसाइड कर लिया तो मैं आप सबको अंदर डाल दूंगी. उन्होंने मीडियाकर्मियों को धमकी भी दी और कैमरे पर हाथ मारा.
महाराष्ट्र काडर की ट्रेनी आईएएस अधिकारी पूजा खेडकर की मां ने मीडिया के सामने अपना आपा खो दिया. उन्होंने घर के बहार खड़े होकर वीडियो बनाने वाले मीडियाकर्मियों पर हमला कर दिया. पूजा खेडकर की मां ने कहा कि अगर मेरी बेटी ने सुसाइड कर लिया तो मैं आप सबको अंदर डाल दूंगी. उन्होंने मीडियाकर्मियों को धमकी भी दी और कैमरे पर हाथ मारा.
मालूम हो कि पूजा खेडकर का ट्रांसफर कर दिया गया है. पूजा को वाशिम जिले का असिस्टेंट कलेक्टर बनाया गया है. पुणे के कलेक्टर डॉ. सुहास दिवसे ने मुख्य सचिव को लेटर लिखा था, जिसके बाद ये एक्शन हुआ है. पूजा के चर्चा में रहने और उन पर इस कार्रवाई की वजह क्या है?
आज दो दिनों के बाद IAS पूजा खेडकर ने वाशिम जिले में पहुंचकर ड्यूटी ज्वाइन कर ली है. पुणे में स्वतंत्र कार्यालय की मांग करने वाली पूजा खेडकर को वाशिम जिला अधिकारी कार्यालय में अलग से केबिन दिया जाएगा या नहीं, यह अभी स्पष्ट नहीं है. ट्रेनी IAS पूजा खेडकर ने UPSC एग्जाम साल 2021 में क्लियर किया था.
चुनावी हलफनामे के मुताबिक, पूजा खेडकर के पैरेंट्स के पास 110 एकड़ कृषि भूमि है, जोकि कृषि भूमि सीमा अधिनियम का उल्लंघन करती है. इसके अलावा छह दुकानें, सात फ्लैट (एक हीरानंदानी में), 900 ग्राम सोना, हीरे, 17 लाख की सोने की घड़ी, चार कार हैं. इसके साथ ही दो प्राइवेट कंपनियों और एक ऑटोमोबाइल फर्म में हिस्सेदारी है. खुद IAS पूजा खेडकर के पास 17 करोड़ रुपये की संपत्ति है.
पूजा खेडकर ने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षा में 841वीं रैंक हासिल की थी. पूजा की मां अहमदनगर जिले के भालगांव की सरपंच हैं. पूजा के परिवार में उनके पिता और दादा दोनों प्रशासनिक सेवा में रहे हैं. उनके पिता तो पुणे में सहायक कलेक्टर भी रहे.
अब पूजा खेडकर वाशिम में ड्यूटी ज्वाइन कर चुकी हैं. पुणे में वे वीआईपी नंबर प्लेट वाली ऑडी पर लाल और नीली बत्ती लगाकर घूमती थीं. वे सरकारी दफ्तर में खुद की ऑडी कार लेकर आती थीं. उनकी लग्जरी कार पर सरकारी प्लेट और लाल बत्ती लगी थी.

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