मनोचिकित्सक के पास पहुंच रहे BTS बैंंड के दीवाने किशोर, कहीं ये डिजिटल ड्रग तो नहीं?
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हाई बीट्स के इस म्यूजिक के लगातार इस्तेमाल से टीनेजर्स के व्यवहार में आक्रामकता, बेचैनी और घबराहट जैसे लक्षण आते है. होता ये है कि अगर पीड़ित व्यक्ति को एक दिन साउंड सुनने को नहीं मिलता तो इसके विदड्रॉल साइन दिखने लगते हैं. इसमें तड़प, बेचैनी, घबराहट, मरीज के व्यवहार में आक्रामकता और ध्यान में कमी आने लगती है.
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आज पूरी दुनिया LNG पर निर्भर है. खासकर भारत जैसे देश, जहां घरेलू गैस प्रोडक्शन कम है, वहां LNG आयात बेहद जरूरी है. लेकिन जैसे ही युद्ध या हमला होता है, सप्लाई चेन टूट जाती है और गैस की कीमतें तेजी से बढ़ जाती हैं. कतर जैसे देशों से निकलकर हजारों किलोमीटर दूर पहुंचने तक यह गैस कई तकनीकी प्रोसेस और जोखिम भरे रास्तों से गुजरती है.












