
मनमोहन सिंह की परंपरा तोड़ने पर मोदी सरकार ने दी सफाई
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कोरोना महामारी के चलते भारत को अपनी 16 साल पुरानी नीति को बदलनी पड़ी है. कोरोना संकट के कारण ऑक्सीजन और मेडिकल सिस्टम बिगड़ने के बाद भारत विदेशों से उपहार, दान और मदद स्वीकार कर रहा है. विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला ने भारत के रुख में आए इस बदलाव का बचाव किया है. उन्होंने गुरुवार को साफ किया है कि इस मुश्किल घड़ी में लोगों की जरूरतों को पूरा करने के लिए जो भी बन पड़ेगा, भारत वो सब कुछ करेगा.
कोरोना महामारी के चलते भारत को अपनी 16 साल पुरानी नीति को बदलनी पड़ी है. कोरोना संकट के कारण ऑक्सीजन और मेडिकल सिस्टम बिगड़ने के बाद भारत विदेशों से उपहार, दान और मदद स्वीकार कर रहा है. विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला ने भारत के रुख में आए इस बदलाव का बचाव किया है. उन्होंने गुरुवार को साफ किया है कि इस मुश्किल घड़ी में लोगों की जरूरतों को पूरा करने के लिए जो भी बन पड़ेगा, भारत वो सब कुछ करेगा. (फाइल फोटो-PTI) यह पहली मर्तबा है जब मोदी सरकार के किसी वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने विदेशी सरकारों से सहायता लेने और स्वास्थ्य संकट की स्थिति में चीन से आपातकालीन चिकित्सा आपूर्ति खरीदने की भारत के रणनीतिक कदम का बचाव किया है. (फोटो-PTI)
ईरान ने दावा किया है कि उसकी नेवी के एयर डिफेंस ने दो अमेरिकी ड्रोन मार गिराए. ईरान की स्टेट मीडिया के मुताबिक ये दोनों सुसाइड ड्रोन कथित तौर पर अमेरिकी सेना के थे. ईरान की सेना के मुताबिक ड्रोन का पता लगाया गया, उसे ट्रैक किया गया और इससे पहले कि वो बंदर अब्बास नौसैनिक बेस को निशाना बनाते, उन्हें मार गिराया गया. देखें वीडियो.

ईरान-इजरायल युद्ध आज अपने 24वें दिन में प्रवेश कर चुका है, लेकिन शांति की कोई गुंजाइश दिखने के बजाय यह संघर्ष अब एक विनाशकारी मोड़ ले चुका है. ईरान द्वारा इजरायल के अराद और डिमोना शहरों पर किए गए भीषण मिसाइल हमलों से दुनिया हैरान है. ये शहर रणनीतिक रूप से अत्यंत संवेदनशील हैं, इसलिए अब यह जंग सीधे तौर पर परमाणु ठिकानों की सुरक्षा के लिए खतरा बन गई है. युद्ध का सबसे घातक असर ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ा है.

तेल टैंकरों के लिए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का रास्ता खोलने को लेकर ईरान को ट्रंप ने 48 घंटे की धमकी थी. समय सीमा खत्म होने से पहले ही नेटो एक्शन में आ गया है. नेटो महासचिव ने बताया कि होर्मुज में मुक्त आवाजाही सुवनिश्चित करने के लिए 22 देशों का समूह बन रहा है. साथ ही उन्होनें कहा कि ईरान के खिलाफ अमेरिका का कदम जरूरी था.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ईरान को होर्मुज पर धमकी अब उन्हीं पर उलटी पड़ चुकी है. ट्रंप ने ईरान को 48 घंटे की डेडलाइन देकर होर्मुज खोलने को कहा था, जिसके बाद अब ईरान ने ट्रंप के स्टाइल में ही उन्हें जवाब देते हुए कहा कि यदि अमेरिका उनपर हमला करेगा तो ईरान भी अमेरिका के एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाएगा.









