
मध्य प्रदेश: 120KM की रफ्तार से गुजर रही थी ट्रेन, चोरों ने उसी ट्रैक का निकाल लिया लॉक, ऐसे टला हादसा
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मुंबई-हावड़ा रेलमार्ग पर सतना-उचेहरा रेलवे स्टेशन के बीच रविवार रात महाकौशल एक्सप्रेस के ड्राइवर की सतर्कता की वजह से एक बड़ा ट्रेन हादसा टल गया. ड्राइवर ने सूझबूझ का परिचय देते हुए जबलपुर कंट्रोल को अलर्ट किया. जबलपुर से निजामुद्दीन की ओर जाने वाली महाकौशल एक्सप्रेस पिपरीकला से कुंदहरी के बीच डाउनट्रैक से गुजरी. उस समय 37 कंक्रीट स्लीपर अनलॉक थे.
मध्य प्रदेश के सतना जिले में अज्ञात लोगों ने मुंबई-हावड़ा रेलखंड की पटरियों की 158 चाबिायां निकाल ली थीं. यह घटना रविवार रात की है, जब महाकौशल एक्सप्रेस डाउनट्रैक से गुजरी तो ट्रेन से एक बोरी टकराई. लोको पायलट को बोरियों में चाबियां होने होने का आभास हुआ, जिसके बाद रेल प्रशासन को इसकी जानकारी दी गई.
सूचना मिलने पर तत्काल मौके पर पहुंचे आरपीएफ के अधिकारियों ने घटनास्थल के पास से 158 चाबियां बरामद की. रेलवे ने इस मामले में उचेहरा थाने में अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है.
क्या था मामला?
मुंबई-हावड़ा रेलमार्ग पर सतना-उचेहरा रेलवे स्टेशन के बीच रविवार रात महाकौशल एक्सप्रेस के ड्राइवर की सतर्कता की वजह से एक बड़ा ट्रेन हादसा टल गया. ड्राइवर ने सूझबूझ का परिचय देते हुए जबलपुर कंट्रोल को अलर्ट किया. मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने पाया कि रविवार रात 9.15 बजे जिस समय जबलपुर से निजामुद्दीन की ओर जाने वाली महाकौशल एक्सप्रेस पिपरीकला से कुंदहरी के बीच डाउनट्रैक से गुजरी. उस समय 37 कंक्रीट स्लीपर अनलॉक थे. मौके से 150 से अधिक चाबियां बरामद की गईं.
माना जा रहा है कि अज्ञात बदमाशों ने स्लीपर को लॉक करने के लिए लगाई गईं चाबियां निकाल ली थीं. मौके से दो साइकिल, हथौड़ा और पाना भी मिला है. महाकौशल के पीछे जबलपुर-रीवा इंटरसिटी और ताप्ती गंगा भी थी. आनन-फानन में ब्लॉक लिया गया. लगभग 40 मिनट के दौरान क्रंकीट स्लीपर को चाबियां लगाकर नए सिरे से लॉक किया गया. ट्रैक की फुल स्पीड 120 किलोमीटर प्रति घंटा है. ट्रैक दुरुस्त हो जाने के बाद सुबह 11.15 बजे तक गाडियां 30 किलोमीटर प्रतिघंटा के कॉशन पर चलाई गईं.
घटना की जानकारी मिलने पर सोमवार को आरपीएफ के आईजी प्रदीप गुप्ता और कमांडेंट अरुण त्रिपाठी, एमपी पुलिस के एडीजीपी केपी वेंकटेश्वर राव और सतना एसपी आशुतोष गुप्ता घटनास्थल पर पहुंचे. कमांडेंट अरुण त्रिपाठी ने बताया कि अज्ञात आरोपियों को पकड़ने के लिए आरपीएफ के चार इंस्पेक्टर की टीम बनाई गई है. टीम में रेल पुलिस के दो दर्जन से भी ज्यादा जवान शामिल किए गए हैं.

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