
मध्य-पूर्व में तनातनी के बीच ईरान ने भारत को दिया बड़ा झटका!
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ऐसे वक्त में जब इजरायल-फिलिस्तीन को लेकर पूर्व मध्य-पूर्व में तनातनी का माहौल है, ईरान ने भारत को एक बड़ा झटका दिया है. ईरान ने भारत के हाथ से एक बहुत अच्छा मौका छीनकर अपने देश की एक कंपनी को दे दिया.
इजरायल-फिलिस्तीन में चल रहे संघर्ष की वजह से पूरे मध्य-पूर्व में तनाव की स्थिति बनी हुई है. हर देश अपना-अपना पक्ष चुन रहा है लेकिन भारत के लिए कोई भी पक्ष चुनना इतना आसान नहीं है. ईरान लंबे समय से मध्य-पूर्व में भारत के साथ खड़ा रहा है लेकिन हाल के दिनों में बदली वैश्विक परिस्थिति में ईरान और भारत की भी दूरियां बढ़ी हैं. सोमवार को ईरान ने भारत ने एक और ऐसा फैसला लिया जिसे दोनों देशों के संबंधों के लिए झटके के तौर पर देखा जा रहा है. ईरान की मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान ने विशाल गैस फील्ड फरजाद-बी के विकास की परियोजना अपने देश की एक कंपनी को दे दी है. भारत इस गैस फील्ड के विकास की परियोजना को हासिल करने के लिए लंबे समय से प्रयास कर रहा था. भारत की सरकारी कंपनी ओएनजीसी विदेश लिमिटेड ने ही फारस की खाड़ी में फरजाद-बी गैस फील्ड की खोज की थी. ये भारत और ईरान के ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग के लिहाज से भी अच्छी खबर नहीं है.
ईरान ने दावा किया है कि उसकी नेवी के एयर डिफेंस ने दो अमेरिकी ड्रोन मार गिराए. ईरान की स्टेट मीडिया के मुताबिक ये दोनों सुसाइड ड्रोन कथित तौर पर अमेरिकी सेना के थे. ईरान की सेना के मुताबिक ड्रोन का पता लगाया गया, उसे ट्रैक किया गया और इससे पहले कि वो बंदर अब्बास नौसैनिक बेस को निशाना बनाते, उन्हें मार गिराया गया. देखें वीडियो.

ईरान-इजरायल युद्ध आज अपने 24वें दिन में प्रवेश कर चुका है, लेकिन शांति की कोई गुंजाइश दिखने के बजाय यह संघर्ष अब एक विनाशकारी मोड़ ले चुका है. ईरान द्वारा इजरायल के अराद और डिमोना शहरों पर किए गए भीषण मिसाइल हमलों से दुनिया हैरान है. ये शहर रणनीतिक रूप से अत्यंत संवेदनशील हैं, इसलिए अब यह जंग सीधे तौर पर परमाणु ठिकानों की सुरक्षा के लिए खतरा बन गई है. युद्ध का सबसे घातक असर ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ा है.

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