
मणिपुर हिंसा में 3 की मौत, तीन घायल, सोते हुए पिता पुत्र को गोलियों से भूना, फिर तलवार से काटा
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प्रत्यक्षदर्शियों ने कहा कि हत्याओं के प्रतिशोध में भीड़ ने बिष्णुपुर जिले के उखा तम्पक में कई घरों को जला दिया. पुलिस ने कहा कि एक अन्य घटना में शनिवार सुबह क्वाक्टा के पास राज्य बलों और आतंकवादियों के बीच भारी गोलीबारी में एक पुलिसकर्मी सहित तीन लोग घायल हो गए.
मणिपुर के बिष्णुपुर जिले में शुक्रवार की रात उग्रवादियों ने पिता-पुत्र सहित तीन लोगों की हत्या कर दी, जबकि उसी जिले में राज्य बलों और सशस्त्र लोगों के बीच भारी गोलीबारी के बाद तीन अन्य लोग गोली लगने से घायल हो गए. पुलिस ने कहा कि 27 विधानसभा क्षेत्रों की समन्वय समिति ने इंफाल घाटी में सामान्य जनजीवन ठप कर दिया है. पुलिस ने शनिवार सुबह कहा कि तीनों को सोते समय गोली मार दी गई और बाद में अज्ञात लोगों ने जिले के क्वाक्टा में उनके शवों को तलवार से काट दिया. हमलावर चुराचांदपुर से आए थे.
पुलिस के मुताबिक, तीनों एक राहत शिविर में रह रहे थे, लेकिन स्थिति में सुधार होने के बाद शुक्रवार को क्वाक्टा में अपने घर लौट आए थे. उन्होंने बताया कि घटना के तुरंत बाद, गुस्साई भीड़ क्वाक्टा में जमा हो गई और चुराचांदपुर की ओर जाना चाहती थी, लेकिन सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें रोक दिया.
प्रत्यक्षदर्शियों ने कहा कि हत्याओं के प्रतिशोध में भीड़ ने बिष्णुपुर जिले के उखा तम्पक में कई घरों को जला दिया. पुलिस ने कहा कि एक अन्य घटना में शनिवार सुबह क्वाक्टा के पास राज्य बलों और आतंकवादियों के बीच भारी गोलीबारी में एक पुलिसकर्मी सहित तीन लोग घायल हो गए.
पुलिसकर्मी के चेहरे पर छर्रे लगे हैं. तीनों को इलाज के लिए इंफाल के राज मेडिसिटी ले जाया गया. वे खतरे से बाहर हैं. इंफाल घाटी में महिला प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतर आईं और वाहनों की आवाजाही को रोकने के लिए टायर जलाए.
दोबारा हिंसा की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन ने इंफाल के दोनों जिलों में सुबह 10.30 बजे से कर्फ्यू लगा दिया. एक अधिकारी ने कहा कि इंफाल के दोनों जिलों में सुबह पांच बजे से शाम छह बजे तक कर्फ्यू में छूट के बजाय अब इसे सुबह पांच बजे से साढ़े दस बजे तक कर दिया गया है. उन्होंने बताया कि सुबह से ही क्वाक्टा और इसके आसपास के इलाकों में भीषण गोलीबारी की खबरें आ रही हैं.

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