
मणिपुर के कांगपोकपी जिले में बवाल, गोलीबारी में दो उपद्रवियों की मौत, पुलिस ने भीड़ पर किया लाठीचार्ज
AajTak
मणिपुर में हिंसा पर अबतक काबू नहीं पाया जा सका है. बीते गुरुवार को कांगपोकपी जिले में बवाल हुआ, जिसके बाद सेना की फायरिंग में दो उपद्रवियों की मौत हो गई. इसके बाद इनके शवों को लेकर भीड़ जब सीएम आवास की ओर जा रही थी तो उन्हें तितर-बितर करने के लिए आंसूगैस के गोले छोड़े गए और लाठीचार्ज किया गया.
मणिपुर के कांगपोकपी जिले में गुरुवार की सुबह सुरक्षाकर्मियों के साथ मुठभेड़ में दो उपद्रवियों की मौत हो गई और पांच घायल हो गए. अधिकारियों ने बताया कि इन लोगों ने बिना किसी उकसावे के गोलीबारी की थी. सुरक्षाकर्मियों ने स्थिति पर काबू पाने के लिए इसका जवाब में फायरिंग की थी.
अधिकारियों के मुताबिक, इस घटना के बाद दोनों उपद्रवी जिस समुदाय से आते हैं, उसके सदस्यों ने इंफाल में मुख्यमंत्री आवास तक जुलूस निकालने की कोशिश की. जब पुलिस ने इन्हें सीएम आवास तक जाने से रोका तो जुलूस हिंसक हो गया. इसके बाद पुलिस ने भीड़ को खदेड़ने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया. गिरफ्तारी से बचने के लिए प्रदर्शन करने वालों ने सड़कों पर टायर भी जलाए.
#WATCH | A crowd gathered near the regional office of BJP in Imphal, Manipur. Police used several rounds of tear gas shells to stop and disperse them. Visuals from the spot. pic.twitter.com/9NvUUoM68c
अधिकारियों ने कहा, ‘‘RAF के साथ पुलिसकर्मी घटनास्थल पर पहुंचे और भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े. इसके बाद वे शव को यहां जवाहरलाल नेहरू आयुर्विज्ञान संस्थान स्थित मुर्दाघर ले गए.'' इस बीच, बीजेपी के एक कार्यालय पर हमला किया गया."
प्रदेश में नहीं थम रही हिंसा

क्या अमेरिका ने ईरान पर हमले की तारीख मुकर्रर कर दी है और ये हमला इस हफ्ते के आखिर तक हो सकता है? ट्रंप ने ईरान को धमकी देते हुए कहा है कि ईरान नहीं माना तो हमला होगा. रमज़ान का महीना शुरू हो गया है और ये मुसलमानों के लिए पाक महीना माना जाता है. ऐसे में सवाल उठता है कि अगर अमेरिका ने ईरान पर रमजान के महीने में हमला किया तो मुस्लिम देश क्या करेंगे? हालांकि अमेरिका के लिए सब इतना आसान भी नहीं होने वाला, क्योंकि ईरान पूरी ताकत से मुकाबला करने के लिए तैयार है.

भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए ओडिशा सरकार ने बड़ी कार्रवाई की है. बरगढ़ जिले के पद्मपुर में तैनात एक ओडिशा प्रशासनिक सेवा अधिकारी को रिश्वत लेने के आरोप में निलंबित कर दिया है. जिला कलेक्टर की रिपोर्ट के आधार पर यह कदम उठाया गया. राजस्व और आपदा प्रबंधन विभाग ने साफ किया है कि विभाग में भ्रष्टाचार के लिए 'जीरो टॉलरेंस' नीति लागू है और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा.

आजतक से खास बातचीत में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने बीजेपी में दो विचारधाराओं की बात कही. उन्होंने बताया कि एक विचारधारा अत्याचारी प्रकृति की है जबकि दूसरी नहीं. उन्होंने बटुकों के सम्मान के लिए ब्रजेश पाठक की प्रशंसा की. साथ ही समाजवादी पार्टी और बीजेपी दोनों को राजनीतिक पार्टियों के रूप में बताया. सीएम योगी पर उन्होंने खुलकर वार किए. देखें वीडियो.

यह वीडियो भारत में हो रहे एआई समिट, उत्तर प्रदेश की राजनीतिक तनावपूर्ण सियासत और संघ परिवार की मुसलमानों की घर वापसी से जुड़ी राय पर केंद्रित है. सुंदर पिचाई ने भारत में टैलेंट की घर वापसी पर आशावादी विचार व्यक्त किए हैं. वहीं, उत्तर प्रदेश में ब्राह्मण राजनीति और शंकराचार्य विवाद ने सियासी हलचल बढ़ाई है. साथ ही संघ प्रमुख और मुस्लिम नेताओं के बीच घर वापसी को लेकर बयानबाजी जारी है. देखें खबरदार.

सेंट्रल इंडिया के पूर्व माओवादी नेता भूपति ने लगभग 40 सालों के हथियारबंद संघर्ष के बाद 15 अक्टूबर 2025 को गढ़चिरोली में 60 साथियों के साथ आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का ऐतिहासिक फैसला किया. 70 साल भूपति ने कहा कि देश की बदलती सामाजिक-राजनीतिक स्थितियों में सशस्त्र क्रांति अब व्यावहारिक नहीं रही. उन्होंने बताया कि संगठन 2013 के बाद जनता से कट चुका था, जिससे अंत की शुरुआत हुई.

अकोला में भाजपा के अकोट शहर अध्यक्ष को लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम से सिग्नल ऐप पर 2 करोड़ रुपये की रंगदारी की धमकी मिली है. धमकी मिलने के बाद पुलिस ने शहर अध्यक्ष की सुरक्षा बढ़ा दी है. सूत्रों के अनुसार, शुभम लोणकर नामक आरोपी पर शक है, जिसके गैंग से संबंध बताए जा रहे हैं. पुलिस तकनीकी जांच कर रही है, लेकिन आधिकारिक बयान देने से बच रही है.

माघ मेले के दौरान चोटी खींचने की घटना को लेकर उत्तर प्रदेश की राजनीति गरमाई है. डिप्टी मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने इस घटना को पूरी तरह से गलत और महापाप बताया है. उन्होंने इस कृत्य की निंदा करते हुए बटुकों को बुलाकर उनका सम्मान किया है. इस घटना को लेकर सियासत तेज हो गई है और अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधा है. इस मामले में राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है, जिससे माहौल और गरमाता दिखाई दे रहा है.






