
'मकसद के लिए सेना का इस्तेमाल सही नहीं', पोप का ट्रंप पर निशाना
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मई में पोप चुने गए पोप लियो ने अपने पहले भाषण में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का नाम लिए बगैर कहा कि अपने लक्ष्यों के लिए सैन्य बल का इस्तेमाल करना सही नहीं है.
वेनेजुएला को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के फैसले पर पोप लियो ने चिंता जताई है. उन्होंने राजनीतिक लक्ष्यों को हासिल करने के लिए मिलिट्री फोर्स के इस्तेमाल की आलोचना की.
उन्होंने कहा कि दुनियाभर में युद्ध को बढ़ावा देने वाली सोच बढ़ रही है. विदेश नीति पर अपने सालाना भाषण में पोप लियो ने वैश्विक संघर्षों के सामने अंतर्राष्ट्रीय संगठनों की कमजोरी खास चिंता का कारण है.
वेटिकन में 184 राजदूतों से पोप लियो ने कहा, 'ऐसी कूटनीति जो बातचीत को बढ़ावा देती है और सभी पक्षों के बीच सहमति बनाने की कोशिश करती है, उसकी जगह अब ताकत पर आधारित कूटनीति ले रही है.' उन्होंने कहा, 'युद्ध फिर से चलन में आ गया है और युद्ध का जुनून बढ़ रहा है.'
वेनेजुएला पर क्या बोले पोप?
अमेरिकी मूल के पहले पोप लियो ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को गिरफ्तार किए जाने का जिक्र करते हुए कहा कि सभी सरकारों से वेनेजुएला के लोगों की इच्छा का सम्मान करने की अपील की.
उन्होंने कहा कि सभी देशों को वेनेजुएला के लोगों के मानवाधिकारों और नागरिक अधिकारों की रक्षा करनी चाहिए.

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