
'भ्रष्टाचार का किला बचाने को लोकतंत्र पर हमला...', बीजेपी नेता की मौत पर नड्डा और चिराग भड़के
AajTak
बिहार बीजेपी ने गुरुवार को रोजगार और शिक्षकों की नियुक्त के मामले में विधानसभा मार्च निकाला था. मार्च पटना के गांधी मैदान से डाकबंगला चैराहे तक पहुंचा ही था कि पुलिस ने सभी को रोक लिया. इस दौरान बीजेपी नेताओं की पुलिस से झड़प हो गई. इसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज कर दी. इस दौरान बीजेपी नेता विजय कुमार सिंह बुरी तरह जख्मी हो गए, जिनकी बात में मौत हो गई.
शिक्षकों की नियुक्ति के मामले में विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस की लाठी से बीजेपी नेता और जहानाबाद जिला के महामंत्री विजय कुमार सिंह की मौत हो गई है. उनकी मौत का मामला अब तूल पकड़ने लगा है. बीजेपी और उनके सहयोगी दलों ने सीएम नीतीश कुमार और डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव को घेर लिया है. बीजेपी ने इसे लोकतंत्र पर हमला बताया है.
बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने ट्वीट किया- बीजेपी कार्यकर्ताओं पर पटना में हुआ लाठीचार्ज राज्य सरकार की विफलता और बौखलाहट का नतीजा है. महागठबंधन की सरकार भ्रष्टाचार के किले को बचाने के लिए लोकतंत्र पर हमला कर रही है. जिस व्यक्ति पर चार्जशीट हुई है, उसको बचाने के लिए बिहार के सीएम अपनी नैतिकता तक भूल गए हैं.
वहीं बीजेपी नेता सुशील कुनार मोदी ने ट्वीट कर नीतीश सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने लिखा- जहानाबाद जिले के जीएस विजय कुमार सिंह की क्रूर पुलिस लाठीचार्ज में मौत हो गई.
केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे ने कहा कि बिहार लाठी के दम पर नहीं चलेगा. चाचा-भतीजा की लठमार जोड़ी की उल्टी गिनती शुरू हो गई है. शांतिपूर्ण मार्च पर जिस तरह से पुलिस ने लाठीचार्ज किया, आपातकाल की याद दिला दी.
चाचा-भतीजा की जोड़ी ये जान ले, बिहार संपूर्ण क्रांति की भूमि रही है. अंहकारी और दम्भी सरकार को नहीं चलने दिया था. इस महागठबंधन सरकार को भी उखाड़ फेंकने का काम करेगी. महागठबंधन सरकार ने पूर्वनियोजित तरीके से पानी, आंसू गैस और लाठी के द्वारा मार्च में आई जनता व पार्टी कार्यकर्ताओं को पीटना शुरू किया. एक शांतिपूर्ण मार्च पर इस प्रकार लाठी बरसाना सरेआम गुंडागर्दी है. नीतीश कुमार और तेजस्वी लालू यादव के इस गुंडाराज को बिहार की जनता भुगत रही है.

झारखंड के लातेहार जिले के भैंसादोन गांव में ग्रामीणों ने एलएलसी कंपनी के अधिकारियों और कर्मियों को बंधक बना लिया. ग्रामीणों का आरोप था कि कंपनी बिना ग्राम सभा की अनुमति गांव में आकर लोगों को ठगने और जमीन हड़पने की कोशिश कर रही थी. पुलिस के हस्तक्षेप के बाद लगभग दो घंटे में अधिकारी सुरक्षित गांव से बाहर निकल सके.

दिल्ली के सदर बाजार में गोरखीमल धनपत राय की दुकान की रस्सी आज़ादी के बाद से ध्वजारोहण में निरंतर उपयोग की जाती है. प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल के बाद यह रस्सी नि:शुल्क उपलब्ध कराई जाने लगी. इस रस्सी को सेना पूरी सम्मान के साथ लेने आती है, जो इसकी ऐतिहासिक और भावनात्मक महत्ता को दर्शाता है. सदर बाजार की यह रस्सी भारत के स्वाधीनता संग्राम और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक बनी हुई है. देखिए रिपोर्ट.

संभल में दंगा मामले के बाद सीजेएम के तबादले को लेकर विवाद शुरू हो गया है. पुलिस के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए गए थे लेकिन पुलिस ने कार्रवाई नहीं की. इस पर सीजेएम का अचानक तबादला हुआ और वकील प्रदर्शन कर रहे हैं. समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और AIMIM ने न्यायपालिका पर दबाव बनाने का आरोप लगाया है. इस विवाद में राजनीतिक सियासत भी जुड़ी है. हाई कोर्ट के आदेशानुसार जजों के ट्रांसफर होते हैं लेकिन इस बार बहस हुई कि क्या यहां राज्य सरकार ने हस्तक्षेप किया.

दावोस में भारत वैश्विक आर्थिक चुनौतियों का सामना करने और एक बेहतर भविष्य बनाने के लिए पूरी तैयारी कर रहा है. इस संदर्भ में सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव से खास बातचीत की गई जिसमें उन्होंने बताया कि AI को लेकर भारत की क्या योजना और दृष्टिकोण है. भारत ने तकनीकी विकास तथा नवाचार में तेजी लाई है ताकि वैश्विक प्रतिस्पर्धा में आगे रह सके. देखिए.

महाराष्ट्र के स्थानीय निकाय चुनावों के बाद ठाणे जिले के मुंब्रा क्षेत्र में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं. एमआईएम के टिकट पर साढ़े पांच हजार से अधिक वोट के अंतर से जीत हासिल करने वाली सहर शेख एक बयान की वजह से चर्चा में हैं. जैसे ही उनका बयान विवादास्पद हुआ, उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका बयान धार्मिक राजनीति से जुड़ा नहीं था. सहर शेख ने यह भी कहा कि उनके बयान को गलत तरीके से प्रस्तुत किया जा रहा है और वे उस तरह की राजनीति का समर्थन नहीं करतीं.








