
भूपेश बघेल ने अमित शाह से की मुलाकात, छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के खिलाफ ताकत बढ़ाने की मांग
AajTak
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बुधवार को नई दिल्ली में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात की. इस दौरान उन्होंने नक्सल समस्या, जीएसटी क्षतिपूर्ति व प्रदेश में आधारभूत संरचनाओं के विकास जैसे विषयों पर बात की. अमित शाह ने उन्हें हरसंभव मदद का आश्वासन दिया है.
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बुधवार को नई दिल्ली में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात की. इस दौरान मुख्य रूप से नक्सल समस्या से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई. सीएम ने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में संचार सुविधा बढ़ाने, बस्तर में सीआरपीएफ की दो और बटालियन की तैनाती, बस्तरिया बटालियन के गठन सहित विभिन्न मुद्दों पर शाह से बात की. इसके अलावा बघेल ने 7 नक्सल प्रभावित जिलों को दिए जाने वाली विशेष सहायता राशि को फिर से शुरू करने का आग्रह किया है. अमित शाह ने सुझावों व आग्रहों पर विचार करने के बाद उन्हें पूरी करने का आश्वासन दिया है.
जीएसटी क्षतिपूर्ति का भी उठाया मुद्दा
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बैठक में जीएसटी क्षतिपूर्ति का मुद्दा भी उठाया. उन्होंने कहा कि राज्यों को दिया जाने वाला जीएसटी क्षतिपूर्ति बंद करने पर राज्य की आर्थिक स्थिति पर प्रभाव पड़ेगा. नक्सल प्रभावित राज्यों में विकास कार्य के लिए राशि नहीं मिलेगी तो इसका काफी असर पड़ेगा.
...तो हजारों लोगों को मिलेंगे रोजगार
मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि बस्तर में लौह अयस्क प्रचुरता से है. अगर बस्तर में स्थापित होने वाले स्टील प्लांट्स को 30 प्रतिशत डिस्काउन्ट पर लौह अयस्क उपलब्ध कराया जाए, तो वहां सैकड़ों करोड़ का निवेश व हजारों की संख्या में प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर निर्मित होंगे.
नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में बैंक, सड़कें बनाने की मांग

आज पूरी दुनिया में यही चर्चा है कि ईरान-अमेरिका युद्ध- रुकेगा या फिर महायुद्ध में बदल जाएगा. इस सवाल की वजह है युद्ध को लेकर अमेरिका राष्ट्रपति ट्रंप का दावा. ट्रंप ने ईरान के पावर प्लांट पर हमले की नई डेडलाइन का एलान किया, वो भी ये कहते हुए कि ईरान की तरफ से युद्धविराम की पेशकश की गई है और दोनों देशों के बीच टेबल पर बातचीत जारी हैं. लेकिन ईरान ने अमेरिकी राष्ट्रपति के दावों को झूठ का पुलिंदा बताया. अब सवाल यही है कि पर्दे के पीछे क्या ईरान और अमेरिका में कोई बातचीत चल रही है, क्या जल्द युद्धविराम की संभावना है, या फिर ट्रंप के दावे में कोई दम नहीं.

ईरान युद्ध के बीच पाकिस्तान की एक बड़ी साजिश बेनकाब हुई है. पाकिस्तान को लेकर खुलासा हुआ है कि वो उसने अपने एजेंट्स की मदद से भारत में सीसीटीवी लगवाए, जिनके जरिए वीडियो पाकिस्तान भेजे जा रहे थे. गाजियाबाद पुलिस ने पाकिस्तान की इस साजिश को नाकाम किया. पाकिस्तान ने इजरायल से सीख लेकर ऐसा किया. इजरायल ने तेहरान के ट्रैफिक कैमरों को हैक कर खामेनेई को लेकर अहम जानकारी जुटाई थी. देखें वीडियो.

डोनाल्ड ट्रंप ने पूरी दुनिया को कन्फ्यूज कर दिया है. एक तरफ डोनाल्ड ट्रंप और उनके दावे हैं. वहीं दूसरी तरफ इन दावों को आंख दिखाती हकीकत. सवाल ये है कि जंग की बिसात पर ट्रंप कौन सा खेल खेल रहे हैं. जंग की शुरुआत से अबतक डोनाल्ड ट्रंप अपनी आदत के मुताबिक अपने बयान बदल रहे हैं. दुर्भाग्य ये है कि ये जंग है. पहले दिन से वो कह रहे हैं कि हम जीत रहे हैं. जंग के 25 दिन बाद हकीकत कुछ और है. लेकिन वो कह रहे हैं कि उन्होंने ईरान को खत्म कर दिया है. फिर दबाव बढ़ाने के लिए उन्होंने ईरान को 48 घंटे का अल्टीमेटम दे दिया. वहीं अचानक ये कहकर दुनिया को चौंका दिया कि 5 दिन युद्धविराम. ट्रंप की इन बातों ने बता दिया है कि उनके दिमाग में घोर कन्फ्यूजन है.

पश्चिम एशिया में बिगड़े हालातों पर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और पीएम मोदी की बातचीत हुई है. पीएम मोदी ने सोशल मीडिया एक्स पर इसकी जानकारी दी. पीएम मोदी ने कहा है कि उन्हें ट्रंप का फोन आया और पश्चिम एशिया की स्थिति पर बात हुई. भारत तनाव कम करने और जल्द से जल्द शांति बहाल करने का समर्थन करता है. देखें वीडियो.

मोहम्मद बाघेर जोलघादर, ईरान के नए सुरक्षा रणनीतिकार होंगे. ईरान ने अली लारीजानी की जगह पर मोहम्मद बाघेर की नियुक्ति का ऐलान किया है. ईरान के सरकारी चैनल IRIB के मुताबिक सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई और राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने मोहम्मद बाघेर की नियुक्ति को मंजूरी दी है. ईरान का ये ऐलान ऐसे समय में हुआ है, जब बातचीत के राष्ट्रपति ट्रंप के एकतरफा ऐलान के बावजूद ईरान पलटवार से रुका नहीं. ईरान के हमलों से आज तेल अवीव में रिहाइशी इमारतों की बर्बादी की तस्वीरें आईं. उधर, इजरायल ने ईरान के खोर्रमशहर और इशफाहान में ऊर्जा केंद्रों पर हमले किए. इजरायल ने ईरान के कई शहरों में हमले किए हैं. बीती रात हुए हमलों से साफ है कि बातचीत के लिए 5 दिनों की जो मोहलत ट्रंप ने दी, उसका कोई नतीजा नहीं दिख रहा. इस बीच, वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक सऊदी अरब और UAE भी युद्ध में उतर सकते हैं. सवाल है कि इस युद्ध पर फुलस्टॉप कैसे लगेगा? क्या बातचीत के लिए ईरान को कथित तौर पर मोहलत देने का ट्रंप का दांव नाकाम है?








