
'भारत मुश्किल में...', ईरान वॉर पर US एक्सपर्ट ने नई दिल्ली को किया आगाह!
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एशिया पैसिफिक फाउंडेशन के सीनियर फेलो ने कहा कि एक तरफ तो भारत के इजरायल के साथ मजबूत रिश्ते हैं, वहीं पश्चिम एशिया में नई दिल्ली के हितों को ध्यान में रखते हुए ईरान के साथ भी उसके अच्छे रिश्ते हैं. इसलिए भारत के लिए बैलेंस बनाना आसान नहीं होगा.
ईरान, इजरायल और US के बीच पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच भारत को डिप्लोमैटिक बैलेंसिंग में मुश्किल का सामना करना पड़ रहा है. जियोपॉलिटिकल एक्सपर्ट और लेखक माइकल कुगेलमैन ने इंडिया टुडे टीवी को बताया कि नई दिल्ली को अपने स्ट्रेटेजिक हितों की रक्षा करने, जरूरी पार्टनरशिप बनाए रखने और एनर्जी सिक्योरिटी की सुरक्षा के लिए सावधानी से कदम उठाने चाहिए, साथ ही स्ट्रेटेजिक ऑटोनॉमी के अपने लंबे समय से चले आ रहे सिद्धांत का पालन करना चाहिए. उन्होंने कहा कि भारत को इस समय विदेश नीति के इन सिद्धांतों का पालन करने में मुश्किल हो रही है.
माइकल कुगेलमैन एक प्रमुख अमेरिकी दक्षिण एशिया विशेषज्ञ हैं, वह वाशिंगटन डीसी स्थित अटलांटिक काउंसिल में दक्षिण एशिया के लिए वरिष्ठ फेलो हैं.
कुगेलमैन ने कहा कि भारत मुश्किल स्थिति में है क्योंकि इस भू-राजनीतिक खेल में उसके कई एक्टर्स के साथ करीबी रिश्ते हैं, जिनमें से कुछ प्रतिद्वंदी भी हैं, जो इस लड़ाई से सीधे तौर पर प्रभावित हैं.
भारत मुश्किल स्थिति में है
"भारत मुश्किल स्थिति में है क्योंकि हम देख रहे हैं कि पिछले कुछ सालों में इजरायल के साथ भारत का रिश्ता कितना ज़रूरी हो गया है."
माइकल कुगेलमैन का ये बयान इंडिया टुडे की उस रिपोर्ट के एक दिन बाद आया है जिसमें कहा गया था कि भारत के प्रति ईरान का नपा-तुला रवैया इस इलाके में बढ़ती क्षेत्रीय दुश्मनी के बीच नई दिल्ली को जोड़े रखने में तेहरान की स्ट्रेटेजिक दिलचस्पी को दिखाता है.

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