
भारत बना रहा अपना बॉम्बर... 12 टन के बम ले जा सकेगा, न्यूयॉर्क भी रेंज में, दुनिया में कहीं भी हमले में सक्षम
AajTak
भारत 12000 किमी रेंज वाला अल्ट्रा लॉन्ग-रेंज स्ट्राइक एयरक्राफ्ट (ULRA) बना रहा है, जो बिना रिफ्यूलिंग न्यूयॉर्क तक पहुंच सकता है. TU-160 और B-21 से प्रेरित, यह विमान ब्रह्मोस-एनजी मिसाइलों से लैस होगा. 2035 तक प्रोटोटाइप तैयार होगा, जो भारत की परमाणु शक्ति और वैश्विक पहुंच को मजबूत करेगा.
भारत अपनी वायु सेना के लिए एक अल्ट्रा लॉन्ग-रेंज स्ट्राइक एयरक्राफ्ट (ULRA) बना रहा है, जो 12000 KM से ज्यादा दूर तक लक्ष्य पर हमला कर सकता है. 12 टन हथियार ले जाने में सक्षम होगा. यह विमान रूस के TU-160 और अमेरिका के B-21 रेडर से प्रेरित होगा. ब्रह्मोस-एनजी मिसाइलों से लैस होगा. रक्षा मंत्रालय का कहना है कि यह परियोजना भारत की परमाणु शक्ति और वैश्विक पहुंच को मजबूत करेगी. पहला प्रोटोटाइप 2032-2035 के बीच तैयार हो सकता है.
क्या है ULRA?
ULRA, यानी अल्ट्रा लॉन्ग-रेंज स्ट्राइक एयरक्राफ्ट, एक ऐसा बमवर्षक है जो बिना रुकावट 12000 किमी से ज्यादा की दूरी तय कर सकता है. यह अमेरिका, यूरोप, अफ्रीका या ऑस्ट्रेलिया जैसे दूरस्थ इलाकों में हमला करने में सक्षम होगा. पहले भारत की रक्षा नीति क्षेत्रीय सुरक्षा पर केंद्रित थी, लेकिन अब यह वैश्विक स्तर पर ताकत दिखाने की ओर बढ़ रही है. रक्षा विशेषज्ञ इसे भारतीय वायु सेना के लिए एक "गेम चेंजर" बता रहे हैं.
यह भी पढ़ें: ईरान की हाइपरसोनिक मिसाइल से डरा इजरायल? बना डाला नया एयर डिफेंस सिस्टम Arrow 4
TU-160 और B-21 से सीख
रूस का TU-160 'ब्लैकजैक' दुनिया का सबसे भारी और तेज सुपरसोनिक बमवर्षक है, जो 12300 किमी की रेंज और 40 टन वजन ले जा सकता है. DRDO के एक इंजीनियर ने कहा कि हम TU-160 को एक मॉडल के रूप में देख रहे हैं. अपनी जरूरतों के अनुसार उसे ढाल रहे हैं. भारत का यह विमान स्विंग विंग डिजाइन का इस्तेमाल करेगा, जो उड़ान के दौरान पंखों का आकार बदलकर ईंधन बचाएगा. गति को नियंत्रित करेगा. यह B-21 रेडर (9,300 किमी रेंज) से भी आगे जाएगा.

सरकार ने राज्यसभा में बताया कि निजाम के 173 बहुमूल्य गहने 1995 से भारतीय रिजर्व बैंक के वॉल्ट में कड़ी सुरक्षा में रखे गए हैं. संस्कृति मंत्रालय ने इनके ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और विरासत महत्व को स्वीकार किया है. केंद्रीय संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने स्पष्ट किया कि फिलहाल इन गहनों को हैदराबाद में स्थायी सार्वजनिक प्रदर्शनी के लिए स्थानांतरित करने का कोई निर्णय नहीं लिया गया है.

Delhi Weather: दिल्ली में फरवरी की शुरुआत मौसम में बदलाव के साथ होगी. जिसमें हल्की बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का दौर देखने को मिलेगा. IMD के अनुसार, 31 जनवरी से 3 फरवरी तक न्यूनतम तापमान 6-8 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 19-21 डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा. जनवरी में असामान्य बारिश के बाद फरवरी की शुरुआत भी ठंडी और गीली रहने की संभावना है.

जम्मू-कश्मीर से लेकर हिमाचल प्रदेश तक पहाड़ों पर भारी बर्फबारी हो रही है और दृश्य अत्यंत सुंदर हैं. इस बर्फबारी के कारण कई पर्यटक इन जगहों की ओर जा रहे हैं. रास्तों पर भारी भीड़ और जाम की स्थिति बन गई है क्योंकि कई मार्ग बंद हो गए हैं. श्रीनगर में सुबह से लगातार बर्फबारी हो रही है जिससे मौसम में बदलाव आया है और तापमान गिरा है. पुलवामा, कुलगाम, शोपियां, गुरेज सहित अन्य क्षेत्र भी इस मौसम से प्रभावित हैं.

अमेरिका का ट्रंप प्रशासन इस महीने ‘ट्रंपआरएक्स’ नाम की एक सरकारी वेबसाइट लॉन्च करने की तैयारी में है, जिसके जरिए मरीज दवा कंपनियों से सीधे रियायती दरों पर दवाएं खरीद सकेंगे. सरकार का दावा है कि इससे लोगों का दवा खर्च कम होगा. हालांकि इस योजना को लेकर डेमोक्रेट सांसदों ने गलत तरीके से दवाएं लिखे जाने, हितों के टकराव और इलाज की गुणवत्ता पर सवाल उठाए हैं.

आज सबसे पहले दस्तक देने जा रहे हैं, पंजाब में ध्वस्त होते लॉ एंड ऑर्डर पर, पंजाब में बढ़ते, गैंग्स्टर्स, गैंगवॉर और गन कल्चर पर. जी हां पंजाब में इस वक्त एक दर्जन से ज़्यादा गैंग्स सरेआम कानून व्यवस्था की धज्जियां उड़ा रहे हैं, कानून के रखवालों के दफ्तरों के सामने हत्याओं को अंजाम दे रहे हैं, और तो और बिना डरे, पंजाब पुलिस, पंजाब सरकार को, पंजाब के नेताओं, मंत्रियों, उनके बच्चों, उनके रिश्तेदारों को धमकियां दे रहे हैं. देखें दस्तक.

देहरादून के विकासनगर इलाके में दुकानदार द्वारा दो कश्मीरी भाइयों पर हमला करने का मामला सामने आया है. खरीदारी को लेकर हुए विवाद के बाद दुकानदार ने मारपीट की, जिसमें 17 साल के नाबालिग के सिर में चोट आई. दोनों भाइयों की हालत स्थिर बताई जा रही है. पुलिस ने आरोपी दुकानदार संजय यादव को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जांच जारी है.

जिस मुद्दे पर नियम बनाकर UGC ने चुप्पी साध ली, राजनीतिक दल सन्नाटे में चले गए, नेताओं ने मौन धारण कर लिया.... रैली, भाषण, संबोधनों और मीडिया बाइट्स में सधे हुए और बंधे हुए शब्द बोले जाने लगे या मुंह पर उंगली रख ली गई. आखिरकार उन UGC नियमों पर सुप्रीम कोर्ट ने कड़े सवाल पूछते हुए इन्हें भेदभावपूर्ण और अस्पष्ट मानते हुए इन नियमों पर अस्थाई रोक लगा दी. आज हमारा सवाल ये है कि क्या इन नियमों में जो बात सुप्रीम कोर्ट को नजर आई... क्या वो जनता के चुने हुए प्रतिनिधियों को दिखाई नहीं दी?






