
भारत-पाकिस्तान संघर्ष विराम पर चीन की प्रतिक्रिया, लिन जियान बोले- दोनों देश बातचीत से मतभेद सुलझाएं
AajTak
चीन ने भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष विराम को सराहा है. चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान ने कहा कि यह दोनों देशों के दीर्घकालिक हित में है और क्षेत्रीय शांति और स्थिरता में योगदान देता है. उन्होंने उम्मीद जताई कि दोनों देश इस शांति को बनाए रखें और अपने मतभेद बातचीत से सुलझाएं.
भारत और पाकिस्तान के बीच हाल ही में हुए संघर्ष विराम को लेकर चीन ने प्रतिक्रिया दी है. चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान ने कहा कि चीन ने इससे जुड़ी रिपोर्ट्स पर ध्यान दिया है. उनका कहना है कि भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष विराम दोनों देशों के मूल और दीर्घकालिक हित में है. यह कदम न सिर्फ क्षेत्रीय शांति और स्थिरता को मजबूत करता है बल्कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय की साझा उम्मीदों को भी दर्शाता है.
इसके अलावा लिन जियान ने कहा कि चीन इस विकास का स्वागत करता है और इसका समर्थन करता है. उन्होंने आगे कहा कि चीन को उम्मीद है कि भारत और पाकिस्तान संघर्ष विराम की इस सकारात्मक गति को बनाए रखेंगे, नए टकराव से बचेंगे और अपने मतभेदों को बातचीत और संवाद के माध्यम से सुलझाएंगे.
संघर्ष विराम को लेकर चीन ने दी प्रतिक्रिया
उन्होंने यह भी कहा कि दोनों देश अगर राजनीतिक समाधान की राह पर लौटते हैं तो इससे पूरे क्षेत्र को लाभ मिलेगा. चीन ने यह भरोसा भी जताया कि वह भारत और पाकिस्तान दोनों के साथ संवाद बनाए रखने को तैयार है और एक व्यापक तथा स्थायी संघर्ष विराम सुनिश्चित करने और क्षेत्रीय शांति बनाए रखने में रचनात्मक भूमिका निभाने के लिए तैयार है.
संवाद के माध्यम से विवाद को सुलझाएं- चीन
बता दें, अमेरिका की मध्यस्थता में भारत-पाकिस्तान ने शनिवार को युद्धविराम पर समझौता किया था. 22 अप्रैल के आतंकी हमले के बाद भारतीय सेनाओं ने ऑपरेशन सिंदूर लॉन्च किया था, जिसका मकसद संभावित रूप से उन आतंकियों को न्यूट्रलाइज करना था.

लेकिन अब ये कहानी उल्टी घूमने लगी है और हो ये रहा है कि अमेरिका और चीन जैसे देशों ने अमेरिका से जो US BONDS खरीदे थे, उन्हें इन देशों ने बेचना शुरू कर दिया है और इन्हें बेचकर भारत और चाइना को जो पैसा मिल रहा है, उससे वो सोना खरीद रहे हैं और क्योंकि दुनिया के अलग अलग केंद्रीय बैंकों द्वारा बड़ी मात्रा में सोना खरीदा जा रहा है इसलिए सोने की कीमतों में जबरदस्त वृद्धि हो रही हैं.

इस वीडियो में जानिए कि दुनिया में अमेरिकी डॉलर को लेकर कौन सा नया आर्थिक परिवर्तन होने वाला है और इसका आपके सोने-चांदी के निवेश पर क्या प्रभाव पड़ेगा. डॉलर की स्थिति में बदलाव ने वैश्विक बाजारों को हमेशा प्रभावित किया है और इससे निवेशकों की आर्थिक समझ पर भी असर पड़ता है. इस खास रिपोर्ट में आपको विस्तार से बताया गया है कि इस नए भूचाल के कारण सोने और चांदी के दामों में क्या संभावित बदलाव आ सकते हैं तथा इससे आपके निवेश को कैसे लाभ या हानि हो सकती है.

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने ब्रिटेन के पीएम की मेजबानी करते हुए कहा है कि अंतरराष्ट्रीय कानून तभी सच में असरदार हो सकता है जब सभी देश इसका पालन करें. राष्ट्रपति शी ने अमेरिका का नाम लिए बिना कहा कि अगर बड़े देश ऐसा करेंगे नहीं तो दुनिया में जंगल का कानून चलेगा. विश्व व्यवस्था जंगल राज में चली जाएगी.

ईरान की धमकियों के जवाब में अमेरिका ने मध्य-पूर्व में अपने कई सहयोगियों के साथ सबसे बड़ा युद्धाभ्यास शुरू किया है. यह युद्धाभ्यास US एयर फोर्सेज सेंट्रल (AFCENT) द्वारा आयोजित किया गया है, जो कई दिनों तक चलेगा. इस युद्धाभ्यास की घोषणा 27 जनवरी को हुई थी और यह अभी भी जारी है. माना जा रहा है कि यह अभ्यास अगले दो से तीन दिनों तक चलेगा. इस प्रयास का मकसद क्षेत्र में तनाव के बीच सैन्य तैयारियों को बढ़ाना और सहयोगियों के साथ सामरिक तालमेल को मजबूत करना है.

कोलंबिया और वेनेज़ुएला की सीमा के पास एक जेट विमान अचानक लापता हो गया. यह विमान फ्लाइट नंबर NSE 8849 थी जो कुकुटा से ओकाना की ओर जा रही थी. इस विमान ने सुबह 11 बजकर 42 मिनट पर उड़ान भरी थी लेकिन लैंडिंग से पहले ही एयर ट्रैफिक कंट्रोल से संपर्क टूट गया. राडार से इस विमान का अचानक गायब होना चिंता का विषय है.

वेनेजुएला में मिली बड़ी कामयाबी के बाद अब डॉनल्ड ट्रंप का आत्मविश्वास आसमान छू रहा है। कूटनीति के गलियारों में चर्चा है कि ट्रंप के मुंह 'खून लग गया है' और अब उनकी नज़रें क्यूबा और ईरान पर टिक गई हैं... और अब वो कह रहे हैं- ये दिल मांगे मोर...। ट्रंप की रणनीति अब सिर्फ दबाव तक सीमित नहीं है, बल्कि वे सीधे सत्ता परिवर्तन के खेल में उतर चुके हैं। क्या क्यूबा और ईरान ट्रंप की इस 'मोमेंटम' वाली कूटनीति का मुकाबला कर पाएंगे?







