
'भारत के साथ रिश्ते सुधारना चाहता था, लेकिन...', PAK के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान बोले
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पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने कहा है कि वह अपने कार्यकाल के दौरान भारत के साथ तनावपूर्ण रिश्ते सुधारना चाहते थे, लेकिन RSS की विचारधारा और जम्मू-कश्मीर के विशेष दर्जे को खत्म करना बड़ा रोड़ा बन गया. इसके साथ ही इमरान ने अफगान संघर्ष को लेकर भी अपने विचार रखे.
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने भारत को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि वह अपने कार्यकाल के दौरान भारत के साथ तनावपूर्ण रिश्ते सुधारना चाहते थे, लेकिन भारत ने कश्मीर का विशेष दर्जा खत्म कर दिया था, जो कि एक बड़ी 'बाधा' बन गया. इतना ही नहीं, इमरान खान ने कहा कि तत्कालीन सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा का भारत के साथ बेहतर संबंध रखने को लेकर ज्यादा झुकाव था.
पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के अध्यक्ष इमरान खान ने कहा कि मैं अपने साढ़े तीन साल के कार्यकाल के दौरान भारत के साथ रिश्ते सुधारना चाहता था, लेकिन RSS की विचारधारा और जम्मू-कश्मीर के विशेष दर्जे को खत्म करना बड़ा रोड़ा बन गया. उन्होंने कहा कि भारत के इस कदम के बाद उनकी तत्कालीन सरकार ने बातचीत को आगे बढ़ाने पर जोर नहीं दिया. उन्होंने कहा कि 'हम चाहते हैं कि भारत पहले अपने फैसले को पलटे और शांति वार्ता करे.
एजेंसी के मुताबिक इमरान खान के कार्यकाल के दौरान भारत को लेकर विदेश नीति कौन चला रहा था. वह या जनरल बाजवा? इस सवाल के जवाब में पूर्व प्रधानमंत्री खान ने कहा कि मैं बॉस था. मैं ही विदेश नीति को लेकर फैसले लेता था. लेकिन जनरल बाजवा भी भारत के साथ रिश्ते बेहतर करने को लेकर काफी उत्साहित थे.
इमरान ने की थी PM मोदी की तारीफ
इमरान खान ने भारत में चुनाव से पहले कहा था कि वह चाहते हैं कि नरेंद्र मोदी जीतें और कश्मीर मुद्दे को हल करें. इमरान खान ने कहा था कि मुझे अभी भी विश्वास है कि दक्षिणपंथी पार्टी का जो नेता एक लंबे संघर्ष को खत्म कर सकता है, वह नरेंद्र मोदी हैं. उन्होंने कहा था कि मैं चाहता था कि वह सत्ता में लौटें. हालांकि भारत और पाकिस्तान के बीच संबंध अक्सर कश्मीर मुद्दे और सीमा पार आतंकवाद को लेकर तनावपूर्ण रहे हैं. इसे लेकर देशों के बीच संबंधों में गिरावट आई है.
इमरान ने बताया- सरकार गिराने के लिए कौन जिम्मेदार

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