भारत की आजादी से 74 साल बाद Barbados हुआ आजाद, जानिए पूरा इतिहास
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कैरेबियाई देश बारबाडोस (Caribbean Countries Barbados) में अब अंग्रेजों (British rule) का शासन खत्म हो गया है. तकरीबन तीन लाख की आबादी वाले ये देश 400 साल की गुलामी (400 years of slavery) के बाद देश (country) आजाद हो गया है. भारत की आजादी (India’s Freedom) से 74 साल बाद ये देश आजाद हुआ है.इस दौरान उनको 21 तोपों की सलामी भी दी गई. इस मौके पर ब्रिटिश राजघराने के प्रिंस चार्ल्स भी मौजूद रहे. इस तरह बारबाडोस में औपनिवेशिक काल का खात्मा हो गया यानी ये देश अब पूरी तरह गणतंत्र घोषित हो गया है. ज्यादा जानकारी के लिए देखें ये वीडियो.

ग्रीनलैंड में अमेरिका और नाटो देश अब सीधे आमने सामने आ गए हैं. ऑपरेशन आर्कटिक एंड्योरेंस के तहत स्वीडन, फ्रांस, जर्मनी, नार्वे समेत कई यूरोपीय देशों ने ग्रीनलैंड की राजधानी नूक में अपनी सेनाएं भेजनी शुरू कर दी है. यह कदम डोनाल्ड ट्रंप के बार-बार के बयानों के बाद उठाया गया है. फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने घोषणा की है कि फ्रांस की सेना का पहला दस्ते पहले ही रवाना हो चुका है और आगे और सैनिक भेजे जाएंगे.

ईरान में जारी हिंसक विरोध प्रदर्शनों के बीच एक कनाडाई नागरिक की मौत हो गई है. कनाडा की विदेश मंत्री अनीता आनंद ने गुरुवार को इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि ईरानी अधिकारियों के हाथों इस नागरिक की जान गई है. कनाडा ने इस घटना पर कड़ा रुख अपनाते हुए ईरानी शासन की निंदा की है और नागरिकों के खिलाफ हो रही हिंसा को तत्काल रोकने की मांग की है.

अमेरिका ने ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शनों के हिंसक दमन के आरोप में ईरानी सुरक्षा अधिकारियों और तेल से जुड़े शैडो बैंकिंग नेटवर्क पर नए प्रतिबंध लगाए हैं. ट्रेजरी विभाग के अनुसार, इन नेटवर्कों के जरिए अरबों डॉलर की मनी लॉन्ड्रिंग की जा रही थी. कार्रवाई ट्रंप प्रशासन की अधिकतम दबाव नीति का हिस्सा है.

अमेरिका ने कैरिबियन सागर में वेनेजुएला-संबंधित तेल टैंकर Veronica को जब्त कर लिया है, जो पिछले कुछ हफ्तों में छठा लक्ष्य बना है. यह कार्रवाई राष्ट्रपति ट्रम्प और विपक्षी नेता मारिया कोरीना माचाडो के बैठक से पहले हुई. अमेरिकी सेना का कहना है कि टैंकर प्रतिबंधों का उल्लंघन कर रहा था और अब सिर्फ कानूनी रूप से तेल ही निकलेगा.

क्या अगले 24 घंटे में अमेरिका ईरान पर हमला करेगा. इस वीडियो में जानिए क्यों अमेरिका ने ईरान के आसपास अपने सैन्य युद्ध के घेरा को मजबूत करना शुरू कर दिया है. मध्य-पूर्व में एक बड़े सैन्य टकराव की संभावना बन रही है. इस दौरान अमेरिका के युद्ध के पांच बड़े संकेत देखने को मिल रहे हैं. इनमें प्रमुख हैं टैंकर विमानों की उड़ानें, ईरान का बंद एयरस्पेस और मिलिट्री अलर्ट, USS अब्राहम लिंकन बेड़े की युद्घ स्थल की ओर बढ़ती हलचल, अल उदीद एयरबेस पर सैनिकों की तैनाती में बदलाव, और ट्रंप द्वारा ईरान पर तेज हमला करने की इच्छा.

ईरान में इस्लामिक शासन और आर्थिक कठिनाईयों के बीच व्यापक विरोध प्रदर्शन चल रहे हैं. दो हज़ार से अधिक लोगों की जान जा चुकी है और कई हजार गिरफ्तार हैं. सरकार ने प्रदर्शनकारियों को फांसी पर लटकाने की सजा दी है जिससे जनता में भय व्याप्त है. अमेरिका ने ईरान को सख्त चेतावनी दी है और लगभग पचास टारगेट्स पर एयर स्ट्राइक की तैयारी कर रहा है. ईरान की मौजूदा स्थिति चिंताजनक है और भारत समेत कई देशों ने अपने नागरिकों को सुरक्षा हेतु सलाह जारी की है.

लंदन में पाकिस्तानी ग्रूमिंग गैंग ने एक नाबालिग सिख लड़की का यौन शोषण किया. घटना का पता लगते ही सिख समुदाय भड़क उठा. अब लंदन की सड़कों पर उनका प्रोटेस्ट जारी है. लंदन समेत पूरे ब्रिटेन में सिखों की अच्छी-खासी आबादी है. सामाजिक-आर्थिक तौर पर भी यह समुदाय औसत ब्रिटिश नागरिकों से बेहतर स्थिति में है. फिर कनाडा की बजाए ये देश उतना लोकप्रिय क्यों नहीं?






