
'भारत और चीन स्थिर विश्व आर्थिक व्यवस्था के लिए एकजुट हों', जापान में पीएम मोदी का जिनपिंग को मैसेज!
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जापान यात्रा के दौरान कहा कि भारत-चीन सहयोग वैश्विक आर्थिक स्थिरता और एशिया में शांति के लिए अहम है. उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ नीतियों से बनी अनिश्चितता का ज़िक्र किया. पीएम मोदी 31 अगस्त को चीन जाएंगे. इस दौरान वह राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात करेंगे और एससीओ शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी फिलहाल जापान की यात्रा पर हैं, इसके बाद वह चीन के लिए रवाना होंगे. पीएम मोदी ने शुक्रवार को कहा कि 2 प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के रूप में भारत और चीन को वैश्विक आर्थिक व्यवस्था में स्थिरता लाने के लिए मिलकर काम करना चाहिए. उन्होंने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ नीतियों से जो अनिश्चितता बनी है, उसे देखते हुए भारत-चीन सहयोग ज़रूरी है. उन्होंने कहा कि एशिया की इन दो ताकतों के बीच स्थिर और अच्छे संबंध दुनिया में शांति और स्थिरता के लिए भी अहम हैं.
प्रधानमंत्री मोदी ने ये बयान जापान में दिया. वह जल्द ही चीन की यात्रा पर जाएंगे और राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात करेंगे.
जापानी अखबार योमिउरी शिंबुन को दिए एक इंटरव्यू में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि विश्व अर्थव्यवस्था में मौजूदा अस्थिरता को देखते हुए दो प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के रूप में भारत और चीन के लिए वर्ल्ड इकोनॉमिक ऑर्डर (विश्व आर्थिक व्यवस्था) में स्थिरता लाने के लिए मिलकर काम करना बहुत जरूरी है. उन्होंने कहा कि भारत आपसी सम्मान, आपसी हित और आपसी संवेदनशीलता के आधार पर चीन के साथ लंबे समय तक रणनीतिक नज़रिए से रिश्तों को आगे बढ़ाने और विकास से जुड़ी चुनौतियों का हल खोजने के लिए संवाद बढ़ाने को तैयार है.
भारत-चीन रिश्तों का असर पूरी दुनिया पर पड़ेगा
पीएम मोदी ने चीन के साथ हाल ही में रिश्तों में आई सकारात्मकता का ज़िक्र किया और कहा कि ये संबंध केवल दोनों देशों के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे एशिया और दुनिया की शांति के लिए भी अहम है. उन्होंने कहा कि भारत और चीन, जो दो बड़े पड़ोसी और दुनिया के सबसे बड़े देश हैं, अगर आपसी रिश्ते स्थिर और दोस्ताना रखेंगे, तो इसका असर पूरे क्षेत्र और दुनिया की शांति और समृद्धि पर पड़ेगा. यह बहुध्रुवीय एशिया और बहुध्रुवीय दुनिया के लिए भी ज़रूरी है.अमेरिका ने भारत-चीन पर लगाया हैवी टैरिफ
बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर 50% टैरिफ लगाया है, जिसमें 25% आयात शुल्क और रूस से तेल व्यापार पर 25% अतिरिक्त शुल्क शामिल है. इसी तरह अमेरिका ने चीनी सामानों पर शुल्क बढ़ाकर कुल 145% कर दिया है, जिसमें मौजूदा शुल्कों के अलावा 125% अतिरिक्त शुल्क भी जोड़ा गया है. हालांकि इसका लागू होना फिलहाल टाल दिया गया है.

लेकिन अब ये कहानी उल्टी घूमने लगी है और हो ये रहा है कि अमेरिका और चीन जैसे देशों ने अमेरिका से जो US BONDS खरीदे थे, उन्हें इन देशों ने बेचना शुरू कर दिया है और इन्हें बेचकर भारत और चाइना को जो पैसा मिल रहा है, उससे वो सोना खरीद रहे हैं और क्योंकि दुनिया के अलग अलग केंद्रीय बैंकों द्वारा बड़ी मात्रा में सोना खरीदा जा रहा है इसलिए सोने की कीमतों में जबरदस्त वृद्धि हो रही हैं.

इस वीडियो में जानिए कि दुनिया में अमेरिकी डॉलर को लेकर कौन सा नया आर्थिक परिवर्तन होने वाला है और इसका आपके सोने-चांदी के निवेश पर क्या प्रभाव पड़ेगा. डॉलर की स्थिति में बदलाव ने वैश्विक बाजारों को हमेशा प्रभावित किया है और इससे निवेशकों की आर्थिक समझ पर भी असर पड़ता है. इस खास रिपोर्ट में आपको विस्तार से बताया गया है कि इस नए भूचाल के कारण सोने और चांदी के दामों में क्या संभावित बदलाव आ सकते हैं तथा इससे आपके निवेश को कैसे लाभ या हानि हो सकती है.

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