
'भाई, मस्जिद को तोड़ रहे हैं ये लोग, अब तो जाग जाओ...' दिल्ली में ऐसे वीडियो बनाकर लोगों को भड़काया
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दिल्ली के तुर्कमान गेट इलाके में फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास अवैध निर्माण हटाने के दौरान बवाल पर तेजी से एक्शन लिया जा रहा है. सोशल मीडिया पर भड़काऊ वीडियो वायरल हुए, जिनमें मस्जिद तोड़े जाने की झूठी बात कहकर लोगों को उकसाया गया. एक वीडियो में शख्स यह कहते हुए सुना गया 'भाई, मस्जिद को तोड़ रहे हैं ये लोग… ' इसी के बाद भीड़ जुटी और पुलिस पर पत्थरबाजी हुई.
दिल्ली के तुर्कमान गेट इलाके में फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास अवैध निर्माण हटाने की कार्रवाई के दौरान बवाल पर एक्शन तेज हो गया है. दिल्ली पुलिस की जांच में सामने आया है कि मौके पर हालात बिगाड़ने से पहले सोशल मीडिया के जरिए लोगों को भड़काने की कोशिश की गई. कुछ लोगों ने ऐसे वीडियो बनाए और वायरल किए, जिनमें यह दावा किया गया कि 'मस्जिद तोड़ी जा रही है और मुसलमानों को बड़ी संख्या में बाहर निकलना चाहिए'. पुलिस का कहना है कि इन भ्रामक वीडियो का मकसद भीड़ जुटाना और माहौल को तनावपूर्ण बनाना था.
मंगलवार देर रात तुर्कमान गेट इलाके में नगर निगम दिल्ली (MCD) ने हाईकोर्ट के आदेश पर अवैध निर्माण हटाने की कार्रवाई शुरू की. यह कार्रवाई फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास स्थित अतिक्रमित हिस्सों को लेकर की जा रही थी. रात करीब 1 बजे शुरू हुए इस अभियान के दौरान इलाके में पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया था, ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे. हालांकि, कार्रवाई के कुछ समय बाद ही माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया. भीड़ में शामिल कुछ असामाजिक तत्वों ने पुलिस पर पत्थरबाजी शुरू कर दी. इस घटना में चार से पांच पुलिसकर्मी मामूली रूप से घायल हो गए. पुलिस ने स्थिति को काबू में करने के लिए हल्के बल का प्रयोग किया और अतिरिक्त सुरक्षा बल बुलाया गया.
भड़काऊ वीडियो से बिगाड़ने की कोशिश
पुलिस जांच में सामने आया है कि बवाल से पहले और दौरान सोशल मीडिया पर कई भड़काऊ वीडियो अपलोड किए गए. इन वीडियो में एक शख्स यह कहते हुए सुना गया भाई, मस्जिद को तोड़ रहे हैं ये लोग… मुसलमानों जाग जाओ, अभी भी वक्त है. इन वीडियो में यह झूठा दावा किया गया कि मस्जिद को गिराने के लिए बुलडोजर लगाए गए हैं. इतना ही नहीं, लोगों से अपील की गई कि वे अपनी दुकानें बंद कर बड़ी संख्या में मौके पर पहुंचें. कुछ वीडियो में रास्तों की जानकारी दी गई, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग प्रदर्शन स्थल तक पहुंच सकें. धार्मिक नारे भी लगाए गए, जिससे माहौल और भड़क गया.
वीडियो बनाने वाले की पहचान
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, ऐसे ही एक वीडियो को बनाने और वायरल करने वाले शख्स की पहचान खालिद मलिक (Khalid Malik) के रूप में हुई है. पुलिस यह जांच कर रही है कि क्या वह अकेले यह वीडियो बना रहा था या इसके पीछे किसी संगठित नेटवर्क की भूमिका थी. अन्य वीडियो में भी कुछ लोग अफवाह फैलाते और भीड़ जुटाने की खुली अपील करते नजर आए हैं. दिल्ली पुलिस का कहना है कि इन वीडियो का उद्देश्य लोगों को गुमराह करना और धार्मिक भावनाएं भड़काकर कानून-व्यवस्था बिगाड़ना था.

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