
भगोड़ा जाकिर नाइक FIFA वर्ल्ड कप के बीच पहुंचा कतर, करेगा मजहबी तकरीर
AajTak
भारत में भगोड़ा घोषित जाकिर नाइक इस वक्त कतर में है. कतर के एक सरकारी चैनल के टेलीविजन प्रेजेंटर ने ट्वीट कर इस बात का खुलासा किया है. उसने ट्वीट में कहा है कि शेख जाकिर नाइक वर्ल्ड कप के दौरान कतर में हैं और पूरे विश्व कप के बीच कई धार्मिक व्याख्यान देंगे.
मनी लॉन्ड्रिंग, भड़काऊ भाषण और आतंक से जुड़ी गतिविधियों का आरोपी इस्लामिक धर्मगुरु जाकिर नाइक FIFA वर्ल्ड कप के बीच कतर पहुंच गया है. भारत में भगोड़ा घोषित जाकिर नाइक वर्ल्ड कप के दौरान मजहबी तकरीर करने के लिए कतर पहुंचा है.
कतर के सरकारी स्पोर्ट्स चैनल अलकास के टेलीविजन प्रेजेंटर अल्हाजरी ने ट्वीट किया, ' शेख जाकिर नाइक वर्ल्ड कप के दौरान कतर में हैं और पूरे विश्व कप के बीच कई धार्मिक व्याख्यान देंगे.'
दरअसल, जाकिर नाइक भारत में 1990 के दशक से अपने धार्मिक उपदेशों को लिए चर्चा में आया था. साल 2000 की शुरुआत में उसके कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए, जिसमें जाकिर नाइक ने कई आपत्तिजनक भाषण दिए.
इसके बाद जाकिर पर अपने अनुयायियों को दूसरे धार्म के खिलाफ भड़काने के आरोप लगने लगे. इसके बाद 2016 में भारत ने जाकिर नाइक की संस्था इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन (IRF) पर प्रतिबंध लगा दिया. 2017 से जाकिर नाइक एक भगोड़े भगोड़े के रूप में मलेशिया में जीवन गुजार रहा है.
जाकिर नाइक मलेशिया का स्थायी निवास है. लेकिन 'राष्ट्रीय सुरक्षा' का हवाला देते हुए 2020 से मलेशिया के अंदर उसके भाषण देने से प्रतिबंधित लगा हुआ है. जुलाई 2016 में देश छोड़कर भागने के एक साल बाद, भारत ने जाकिर नाइक का पासपोर्ट रद्द कर दिया था. तब जाकिर नाइक ने दावा किया था कि वह एक एनआरआई था.
ढाका विस्फोट के बाद आया था नाम सामने

डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर संभावित हमलों को पांच दिनों के लिए रोकने का निर्देश दिया, जिसका कारण दोनों देशों के बीच जारी सकारात्मक बातचीत बताया गया. डोनाल्ड ट्रंप का दावा है कि ईरान से पांच दिनों के भीतर डील हो सकती है. हालांकि, ईरान इन दावों को खारिज कर रहा है. इससे पहले अमेरिका ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने को लेकर चेतावनी दी थी, जिस पर ईरान ने कड़ी प्रतिक्रिया दी.

ईरान लगातार इजरायल को निशाना बना रहा है. यरुशलम में ईरान के हमले की आशंका को लेकर सायरन बजे. आनन-फानन में लोग बम शेल्टर की ओर भागे. ये सायरन ईरान से मिसाइल और ड्रोन हमलों की चेतावनी देते हैं. हमसे ले पहले कुछ मिनटों का ही समय होता है जिसमें इजरायली नागरिक अपने करीबी बम शेल्टर में तब तक शरण लेते हैं जब तक कि खतरा टल न जाए. देखें वीडियो.

ईरान ने दावा किया है कि उसकी नेवी के एयर डिफेंस ने दो अमेरिकी ड्रोन मार गिराए. ईरान की स्टेट मीडिया के मुताबिक ये दोनों सुसाइड ड्रोन कथित तौर पर अमेरिकी सेना के थे. ईरान की सेना के मुताबिक ड्रोन का पता लगाया गया, उसे ट्रैक किया गया और इससे पहले कि वो बंदर अब्बास नौसैनिक बेस को निशाना बनाते, उन्हें मार गिराया गया. देखें वीडियो.

ईरान-इजरायल युद्ध आज अपने 24वें दिन में प्रवेश कर चुका है, लेकिन शांति की कोई गुंजाइश दिखने के बजाय यह संघर्ष अब एक विनाशकारी मोड़ ले चुका है. ईरान द्वारा इजरायल के अराद और डिमोना शहरों पर किए गए भीषण मिसाइल हमलों से दुनिया हैरान है. ये शहर रणनीतिक रूप से अत्यंत संवेदनशील हैं, इसलिए अब यह जंग सीधे तौर पर परमाणु ठिकानों की सुरक्षा के लिए खतरा बन गई है. युद्ध का सबसे घातक असर ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ा है.

तेल टैंकरों के लिए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का रास्ता खोलने को लेकर ईरान को ट्रंप ने 48 घंटे की धमकी थी. समय सीमा खत्म होने से पहले ही नेटो एक्शन में आ गया है. नेटो महासचिव ने बताया कि होर्मुज में मुक्त आवाजाही सुवनिश्चित करने के लिए 22 देशों का समूह बन रहा है. साथ ही उन्होनें कहा कि ईरान के खिलाफ अमेरिका का कदम जरूरी था.








