
ब्रिटेन में डेल्टा वैरिएंट मचा रहा हाहाकार? टॉप एक्सपर्ट का दावा- चल रही कोरोना की तीसरी लहर
AajTak
एक्सपर्ट ने बताया है कि ब्रिटेन में कोरोना वायरस की तीसरी लहर जारी है. इसके पीछे भारत में सबसे पहले मिले डेल्टा वैरिएंट को बताया गया है. देश में पिछले साल अक्टूबर महीने में डेल्टा वैरिएंट पाया गया था. बाद में यह ब्रिटेन-अमेरिका समेत कई देशों में पाया जा चुका है.
दुनियाभर के देश कोरोना वायरस को रोकने की कोशिश में लगे हुए हैं, लेकिन पूरी तरह से कामयाब नहीं हो सके हैं. यहां तक कि कोरोना की नई लहर एक के बाद एक आती जा रही हैं. एक्सपर्ट का कहना है कि ब्रिटेन में कोरोना वायरस की तीसरी लहर चल रही है. टीकाकरण कार्यक्रम पर सरकार को सलाह देने वाले एक एक्सपर्ट ने कहा कि डेल्टा वैरिएंट की वजह से यूके तीसरी लहर से गुजर रहा है. ज्वाइंट कमेटी ऑन वैक्सीनेशन एंड इम्युनाइजेशन (JCVI) के सलाहकार प्रोफेसर एडम फिन ने 'बीबीसी' को बताया कि वैक्सीनेशन और डेल्टा वैरिएंट के बीच में रेस चल रही है. मालूम हो कि डेल्टा वैरिएंट सबसे पहले भारत में पाया गया था. प्रोफेसर फिन ने कहा, 'यह ऊपर की ओर जा रहा है. शायद हम थोड़ा आशावादी हो सकते हैं कि यह तेजी से नहीं जा रहा, लेकिन फिर भी यह ऊपर की ओर बढ़ रहा है. इस वजह से निश्चित तौर पर यह कोरोना की तीसरी लहर चल रही है.'
ईरान ने दावा किया है कि उसकी नेवी के एयर डिफेंस ने दो अमेरिकी ड्रोन मार गिराए. ईरान की स्टेट मीडिया के मुताबिक ये दोनों सुसाइड ड्रोन कथित तौर पर अमेरिकी सेना के थे. ईरान की सेना के मुताबिक ड्रोन का पता लगाया गया, उसे ट्रैक किया गया और इससे पहले कि वो बंदर अब्बास नौसैनिक बेस को निशाना बनाते, उन्हें मार गिराया गया. देखें वीडियो.

ईरान-इजरायल युद्ध आज अपने 24वें दिन में प्रवेश कर चुका है, लेकिन शांति की कोई गुंजाइश दिखने के बजाय यह संघर्ष अब एक विनाशकारी मोड़ ले चुका है. ईरान द्वारा इजरायल के अराद और डिमोना शहरों पर किए गए भीषण मिसाइल हमलों से दुनिया हैरान है. ये शहर रणनीतिक रूप से अत्यंत संवेदनशील हैं, इसलिए अब यह जंग सीधे तौर पर परमाणु ठिकानों की सुरक्षा के लिए खतरा बन गई है. युद्ध का सबसे घातक असर ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ा है.

तेल टैंकरों के लिए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का रास्ता खोलने को लेकर ईरान को ट्रंप ने 48 घंटे की धमकी थी. समय सीमा खत्म होने से पहले ही नेटो एक्शन में आ गया है. नेटो महासचिव ने बताया कि होर्मुज में मुक्त आवाजाही सुवनिश्चित करने के लिए 22 देशों का समूह बन रहा है. साथ ही उन्होनें कहा कि ईरान के खिलाफ अमेरिका का कदम जरूरी था.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ईरान को होर्मुज पर धमकी अब उन्हीं पर उलटी पड़ चुकी है. ट्रंप ने ईरान को 48 घंटे की डेडलाइन देकर होर्मुज खोलने को कहा था, जिसके बाद अब ईरान ने ट्रंप के स्टाइल में ही उन्हें जवाब देते हुए कहा कि यदि अमेरिका उनपर हमला करेगा तो ईरान भी अमेरिका के एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाएगा.









