
ब्रिटेन: प्रधानमंत्री ऋषि सुनक की जघन्य हत्याओं के दोषियों के लिए उम्रकैद को अनिवार्य बनाने की योजना
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ब्रिटेन के वैधानिक प्रावधान मृत्युदंड की अनुमति नहीं देते हैं, इसलिए सबसे कड़ी सजा के रूप में उम्रकैद का प्रावधान है. ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कार्यालय 'डाउनिंग स्ट्रीट' ने कहा कि वह घोषित परिवर्तनों के लिए उचित समय पर कानून बनाएगी. ग्रीष्मकालीन छुट्टियों के बाद अगले महीने संसद का सत्र शुरू होगा.
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक देश में सख्त नए कानून लाने की योजना बना रहे हैं. ऐसे कानून आने से जघन्य हत्याओं के दोषियों को जीवन भर जेल में रहना पड़ेगा. ऐसे मामलों में दोषियों को पैरोल पर, या जल्द रिहा करने पर विचार किए जाने की कोई संभावना नहीं होगी.
सुनक ने एक बयान में कहा कि 'जीवन का अर्थ जीवन है' और न्यायाधीशों को सबसे बर्बर प्रकार की हत्या करने वाले अपराधियों को अनिवार्य उम्रकैद का आदेश देने की आवश्यकता होगी. नया कानून कुछ सीमित परिस्थितियों को छोड़कर, न्यायाधीशों से उम्रकैद का आदेश देने की कानूनी अपेक्षा रखेगा.
सुनक ने कहा, 'मैंने हाल में सामने आए अपराधों की क्रूरता पर जनता के भय को साझा किया है. लोग सही ही अपेक्षा करते हैं कि सबसे गंभीर मामलों में, इस बात की गारंटी होनी चाहिए कि जीवन का अर्थ जीवन होगा. वे सजा दिए जाने में ईमानदारी की उम्मीद करते हैं.'
उन्होंने कहा, 'सबसे वीभत्स प्रकार की हत्याएं करने वाले जघन्य अपराधियों के लिए उम्रकैद का अनिवार्य आदेश लाकर हम यह सुनिश्चित करेंगे कि वे कभी आजाद न हों.'
यह कदम ऐसे वक्त में उठाया जा रहा है, जब कुछ दिन पहले उत्तरी इंग्लैंड के एक अस्पताल में सात नवजात शिशुओं की हत्या का दोषी पाए जाने के बाद नर्स लुसी लेटबी को उम्रकैद की सजा दी गई थी.
ब्रिटेन के वैधानिक प्रावधान मृत्युदंड की अनुमति नहीं देते हैं, इसलिए सबसे कड़ी सजा के रूप में उम्रकैद का प्रावधान है. ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कार्यालय 'डाउनिंग स्ट्रीट' ने कहा कि वह घोषित परिवर्तनों के लिए उचित समय पर कानून बनाएगी. ग्रीष्मकालीन छुट्टियों के बाद अगले महीने संसद का सत्र शुरू होगा.

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