
बृजभूषण जांच तक कार्य से दूर रहेंगे, खेल मंत्रालय-IOA ने बनाई कमेटी... खत्म हुआ पहलवानों का धरना
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WFI अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के विरोध में जंतर-मंतर पर पहलवानों का विरोध-प्रदर्शन समाप्त हो गया है. भारतीय ओलंपिक संघ के बाद अब खेल मंत्रालय ने भी पहलवानों के आरोप की जांच के लिए कमेटी गठित कर दी है. खेल मंत्रालय की कमेटी चार हफ्ते में जांच रिपोर्ट देगी. जांच पूरी होने तक बृजभूषण डब्ल्यूएफआई के कार्यों से दूर रहेंगे.
कुश्ती के अखाड़े में उतरकर दांव-पेंच आजमाने वले पहलवान तीन दिन से अपने ही फेडरेशन के अध्यक्ष पर आरोप की बौछार कर जंतर-मंतर पर उतर आए थे. रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (डब्ल्यूएफआई) अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह पर महिला पहलवानों के साथ यौन शोषण, मानसिक रूप से परेशान करने समेत कई आरोप लगाते हुए जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे पहलवानों ने खेल मंत्री अनुराग ठाकुर से बातचीत के बाद इसे वापस लेने का ऐलान कर दिया है.
बजरंग पूनिया के साथ ही महिला पहलवान विनेश फोगाट, साक्षी मलिक समेत 30 पहलवानों ने डब्ल्यूएफआई अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए प्रदर्शन शुरू कर दिया था. पहलवान बृजभूषण शरण सिंह पर लगाए गए आरोप की निष्पक्ष जांच और डब्ल्यूएफआई को तत्काल भंग करने की मांग कर रहे थे.
प्रदर्शन कर रहे पहलवानों ने इसे लेकर भारतीय ओलंपिक संघ को भी पत्र लिखा था. प्रदर्शन कर रहे पहलवानों के साथ खेल मंत्री अनुराग ठाकुर ने दो दिन घंटों बातचीत की. खेल मंत्री और प्रदर्शन कर रहे पहलवानों के बीच दूसरे दिन की बातचीत में कई बिंदुओं पर सहमति बनी जिसके बाद पहलवानों ने अभी प्रदर्शन स्थगित करने का ऐलान कर दिया. इसका ऐलान खेल मंत्री अनुराग ठाकुर और प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे पहलवान बजरंग पूनिया और विनेश फोगाट ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में किया.
7 घंटे चली खेल मंत्री और पहलवानों की बातचीत
खेल मंत्री अनुराग ठाकुर और पहलवानों की बातचीत करीब सात घंटे तक चली. खेल मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि पहलवानों की बात सुनी गई, उनके आरोप और मांगें भी सुनीं. उन्होंने कहा कि पहलवानों की ओर से आरोप लगाए जाने के बाद ही हमने डब्ल्यूएफआई को नोटिस भेजकर 72 घंटे के भीतर जवाब देने के लिए कह दिया था.
जांच तक कुश्ती संघ के कार्यों से दूर रहेंगे बृजभूषण

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