
बुडापेस्ट में हो सकती है ट्रंप, जेलेंस्की-पुतिन की त्रिपक्षीय वार्ता, अमेरिकी सीक्रेट सर्विस ने शुरू की तैयारियां!
AajTak
अमेरिकी सीक्रेट सर्विस ने ट्रंप, जेलेंस्की और पुतिन की त्रिपक्षीय वार्ता के लिए हंगरी के बुडापेस्ट में तैयारियां शुरू कर दी है. व्हाइट हाउस प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने कहा कि मैं जगह की पुष्टि या खंडन नहीं कर रही हूं. उन्होंने कहा कि कई विकल्पों पर विचार किया जा रहा है.
व्हाइट हाउस वार्ता के बाद अमेरिका ने पुतिन-जेलेस्की की द्विपक्षीय और त्रिपक्षीय वार्ता की व्यवस्था करना शुरू कर दिया है. इसी बीच जानकारी आ रही है कि व्हाइट हाउस ने हंगरी की राजधानी बुडापेस्ट में अमेरिका, रूस और यूक्रेन के राष्ट्रपतियों के बीच होने वाली संभावित त्रिपक्षीय वार्ता की योजना बनाई है. ये जानकारी ट्रंप प्रशासन के एक अधिकारी ने दी है.
पोलिटिको के अनुसार, अमेरिकी सीक्रेट सर्विस इस शिखर सम्मेलन के लिए हंगरी के बुडापेस्ट में तैयारियां कर रही है, जिसका नेतृत्व प्रधानमंत्री विक्टर ऑर्बन कर रहे हैं. ऑर्बन का अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ उनके पहले कार्यकाल से ही करीबी रिश्ता रहा है. इसके अलावा पुतिन ने रूस में ज़ेलेंस्की के साथ एक निजी बैठक की मेज़बानी का सुझाव दिया है.
वहीं, मंगलवार को व्हाइट हाउस मीडिया ब्रीफिंग के दौरान कैरोलिन लेविट से जब बुडापेस्ट के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि मैं जगह की पुष्टि या खंडन नहीं कर रही हूं. उन्होंने कहा कि कई विकल्पों पर विचार किया जा रहा है. हालांकि, उन्होंने संभावित जगह के बारे में विस्तृत जानकारी देने से इनकार कर दिया.
'दोनों राष्ट्रपति ने व्यक्त की बातचीत की इच्छा'
लेविट ने ब्रीफिंग के दौरान कहा, 'दोनों नेताओं ने एक-दूसरे के साथ बैठकर बातचीत करने की इच्छा व्यक्त की है और इसलिए हमारी राष्ट्रीय सुरक्षा टीम दोनों देशों को ऐसा करने में मदद करेगी.' लेविट ने कहा कि पुतिन और जेलेंस्की के साथ द्विपक्षीय बैठक के बाद ट्रंप समेत त्रिपक्षीय बैठक हो सकती है.
धीरे-धीरे चरणबद्ध तरीके से हो वार्ता

डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर संभावित हमलों को पांच दिनों के लिए रोकने का निर्देश दिया, जिसका कारण दोनों देशों के बीच जारी सकारात्मक बातचीत बताया गया. डोनाल्ड ट्रंप का दावा है कि ईरान से पांच दिनों के भीतर डील हो सकती है. हालांकि, ईरान इन दावों को खारिज कर रहा है. इससे पहले अमेरिका ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने को लेकर चेतावनी दी थी, जिस पर ईरान ने कड़ी प्रतिक्रिया दी.

ईरान लगातार इजरायल को निशाना बना रहा है. यरुशलम में ईरान के हमले की आशंका को लेकर सायरन बजे. आनन-फानन में लोग बम शेल्टर की ओर भागे. ये सायरन ईरान से मिसाइल और ड्रोन हमलों की चेतावनी देते हैं. हमसे ले पहले कुछ मिनटों का ही समय होता है जिसमें इजरायली नागरिक अपने करीबी बम शेल्टर में तब तक शरण लेते हैं जब तक कि खतरा टल न जाए. देखें वीडियो.

ईरान ने दावा किया है कि उसकी नेवी के एयर डिफेंस ने दो अमेरिकी ड्रोन मार गिराए. ईरान की स्टेट मीडिया के मुताबिक ये दोनों सुसाइड ड्रोन कथित तौर पर अमेरिकी सेना के थे. ईरान की सेना के मुताबिक ड्रोन का पता लगाया गया, उसे ट्रैक किया गया और इससे पहले कि वो बंदर अब्बास नौसैनिक बेस को निशाना बनाते, उन्हें मार गिराया गया. देखें वीडियो.

ईरान-इजरायल युद्ध आज अपने 24वें दिन में प्रवेश कर चुका है, लेकिन शांति की कोई गुंजाइश दिखने के बजाय यह संघर्ष अब एक विनाशकारी मोड़ ले चुका है. ईरान द्वारा इजरायल के अराद और डिमोना शहरों पर किए गए भीषण मिसाइल हमलों से दुनिया हैरान है. ये शहर रणनीतिक रूप से अत्यंत संवेदनशील हैं, इसलिए अब यह जंग सीधे तौर पर परमाणु ठिकानों की सुरक्षा के लिए खतरा बन गई है. युद्ध का सबसे घातक असर ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ा है.

तेल टैंकरों के लिए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का रास्ता खोलने को लेकर ईरान को ट्रंप ने 48 घंटे की धमकी थी. समय सीमा खत्म होने से पहले ही नेटो एक्शन में आ गया है. नेटो महासचिव ने बताया कि होर्मुज में मुक्त आवाजाही सुवनिश्चित करने के लिए 22 देशों का समूह बन रहा है. साथ ही उन्होनें कहा कि ईरान के खिलाफ अमेरिका का कदम जरूरी था.








