
'बुखार से पस्त बच्चे के लिए मांगते हैं Aadhar... अपने मुल्क लौटकर गलती हो गई!' PAK से आए हिंदुओं ने बताई पीड़ा
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नींद में बच्चा कुनमुनाया. हाथ रखा तो शरीर तप रहा था. पट्टियां देना शुरू किया, लेकिन देह तपती ही रही. पास में न कोई दवा, न पैसे. आधी रात में भी गर्म हवा चल रही थी. घुप अंधेरे में, पॉलिथीन की फरफराती छत के नीचे पहली बार सोचा- क्या लौटकर हमसे भूल हो गई! पहले मजहब के नाम पर हमसे भेद होता, अब मुल्क के नाम पर होता है.
धूप में पककर तांबई हो चुके हाथ मुझसे बात करते हुए साथ-साथ लाल मिर्चियां तोड़ रहे हैं. पड़ोस के गांव से काम मिला. एक सूप मिर्च के डंठल तोड़ने पर 5 रुपये. बताते हुए वे खटाखट उसका ऊपरी हिस्सा अलग कर रही हैं. छींक से बचने के लिए नाक पर कपड़ा बंधा हुआ.
ये आशादेवी हैं. साल की शुरुआत में एक धार्मिक जत्थे के साथ इनका परिवार भी पाकिस्तान से आकर जोधपुर में बस गया. शहर से बाहर चोखां के उस हिस्से में, जहां बीते महीनेभर से बांस की बल्लियां और चादरें ही इनका घर हैं. पति रोज सुबह कमाने निकलते हैं. कभी सीमेंट, चावल की बोरियां उठाने का काम मिलता है, कभी वो भी नहीं.
'कंपीटिशन' ज्यादा है यहां. तो मैंने भी काम पकड़ लिया! आशा ठीक ठाक हिंदी के साथ अंग्रेजी शब्द बोलती हैं.
इस बार मेरा मुंह मिर्च से आंखें बचाने की कोशिश छोड़कर सीधे ताकता है. तो क्या ये औरत पढ़ी-लिखी होगी! सवाल को बाद के लिए टालकर मैं बच्चे की तबीयत पूछती हूं.
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हां. अब ठीक है. पूरे महीने बुखार रहा. अस्पताल गए तो पहचान मांगी. हमारे पास न आधार कार्ड है, न वोटर कार्ड. पाकिस्तानी पासपोर्ट है. वो दिखाते तो धकियाकर भगा दिया जाता.

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जम्मू-कश्मीर से लेकर हिमाचल प्रदेश तक पहाड़ों पर भारी बर्फबारी हो रही है और दृश्य अत्यंत सुंदर हैं. इस बर्फबारी के कारण कई पर्यटक इन जगहों की ओर जा रहे हैं. रास्तों पर भारी भीड़ और जाम की स्थिति बन गई है क्योंकि कई मार्ग बंद हो गए हैं. श्रीनगर में सुबह से लगातार बर्फबारी हो रही है जिससे मौसम में बदलाव आया है और तापमान गिरा है. पुलवामा, कुलगाम, शोपियां, गुरेज सहित अन्य क्षेत्र भी इस मौसम से प्रभावित हैं.

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आज सबसे पहले दस्तक देने जा रहे हैं, पंजाब में ध्वस्त होते लॉ एंड ऑर्डर पर, पंजाब में बढ़ते, गैंग्स्टर्स, गैंगवॉर और गन कल्चर पर. जी हां पंजाब में इस वक्त एक दर्जन से ज़्यादा गैंग्स सरेआम कानून व्यवस्था की धज्जियां उड़ा रहे हैं, कानून के रखवालों के दफ्तरों के सामने हत्याओं को अंजाम दे रहे हैं, और तो और बिना डरे, पंजाब पुलिस, पंजाब सरकार को, पंजाब के नेताओं, मंत्रियों, उनके बच्चों, उनके रिश्तेदारों को धमकियां दे रहे हैं. देखें दस्तक.

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