
बिहार में कांग्रेस और RJD के लिए अचानक इतने अहम क्यों हो गए बाहुबली पप्पू यादव
AajTak
पप्पू यादव ने अपनी पार्टी का कांग्रेस में विलय कर दिया है. कुछ महीने पहले तक कांग्रेस और तेजस्वी यादव जिन पप्पू यादव के गुहार लगाने के बावजूद उन्हें साथ लेना तो दूर, बात करना तक जरूरी नहीं समझते थे. अचानक वही पप्पू यादव कांग्रेस के लिए असेट कैसे हो गए?
पिछले साल जून महीने की बात है. पटना में विपक्षी पार्टियों के प्रमुख नेताओं का जुटान होना था. तब इस कवायद के अगुवा नीतीश कुमार तत्कालीन डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव के साथ विपक्षी दलों को एकजुट करने की मुहिम छेड़े हुए थे. तब जन अधिकार पार्टी (जेएपी) के प्रमुख राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव अपनी पार्टी को भी साथ लेने की अपील कर रहे थे.
पप्पू यादव ने पहली बैठक में नहीं बुलाए जाने पर निराशा जाहिर करते हुए यह दावा किया था कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के प्रमुख लालू यादव से मिलकर आग्रह किया था कि मुझे महागठबंधन का हिस्सा बनाया जाए. लालू यादव ने कहा कि तेजस्वी इस पर निर्णय लेंगे. तेजस्वी को कई बार फोन कर बात करने का प्रयास किया लेकिन बात नहीं हो पाई. तेजस्वी एक बार बात तो करें.
पप्पू यादव की पार्टी का कांग्रेस में विलय, बिहार प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश सिंह फैसले से नाराज
पटना के बाद बेंगलुरु में विपक्षी दलों की दूसरी बैठक में भी पप्पू को निमंत्रण नहीं मिला. पप्पू यादव ने तब यह तक कह दिया था कि INDIA ब्लॉक में शामिल होने के लिए किसके पैर पकड़ें? मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के, लालू यादव के या तेजस्वी यादव के? पप्पू ने यह तक कह दिया था कि अगर जेएपी को गठबंधन में शामिल नहीं किया गया तो हम तीन से पांच सीटों पर अकेले चुनाव लड़ेंगे. तब से अब तक कई महीने गुजर गए. बुधवार की सुबह-सुबह लालू यादव और तेजस्वी यादव के साथ तस्वीर पोस्ट करते हुए सोशल मीडिया पर पप्पू यादव ने लिखा- पारिवारिक माहौल में एनडीए को हराने की रणनीति पर चर्चा हुई.
यह तस्वीर पोस्ट करने के कुछ घंटे बाद ही पप्पू यादव ने अपनी पार्टी का कांग्रेस में विलय कर दिया है. अब चर्चा इसे लेकर हो रही है कि जो तेजस्वी यादव कुछ महीने पहले तक पप्पू यादव से फोन पर बात करना, कांग्रेस उनका साथ जरूरी नहीं समझ रही थी. आरजेडी और कांग्रेस के लिए वही पप्पू यादव अचानक असेट कैसे हो गए? कोई इसे नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) की एग्जिट के बाद बने हालात में विपक्ष के एक-एक वोट सहेजने की कोशिश बता रहा है तो कोई उनकी पत्नी और कांग्रेस नेता रंजीत रंजन का प्रयास.
बिहार के वरिष्ठ पत्रकार ओमप्रकाश अश्क ने इसे लेकर कहा कि पप्पू यादव की कोसी और सीमांचल क्षेत्र में मजबूत पकड़ है. जेडीयू के एनडीए में जाने के बाद अगर पप्पू यादव की पार्टी अलग चुनाव लड़ती तो इंडिया ब्लॉक को ही नुकसान उठाना पड़ता, खासकर आरजेडी को यादव वोट का. पप्पू यादव की महत्वाकांक्षाएं भी अधिक नहीं हैं. वह अपने लिए बस एक सीट, पूर्णिया चाहते हैं. उनके आने से यादव वोट का बिखराव रुकेगा ही, पटना की बाढ़ और उसके बाद हर आपदा में पप्पू यादव की सक्रियता के कारण हर वर्ग में उनका जो थोड़ा-बहुत वोट बेस है, पूरे बिहार में इंडिया ब्लॉक को उसका फायदा मिल सकता है.

माघ मेले के दौरान चोटी खींचने की घटना को लेकर उत्तर प्रदेश की राजनीति गरमाई है. डिप्टी मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने इस घटना को पूरी तरह से गलत और महापाप बताया है. उन्होंने इस कृत्य की निंदा करते हुए बटुकों को बुलाकर उनका सम्मान किया है. इस घटना को लेकर सियासत तेज हो गई है और अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधा है. इस मामले में राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है, जिससे माहौल और गरमाता दिखाई दे रहा है.

दिल्ली में आयोजित AI समिट में बेहतर भविष्य की चर्चाएं हो रही हैं, लेकिन वहीं राजनीतिक पार्टियां इस तकनीक को हथियार बनाकर आमने-सामने आ गई हैं. कांग्रेस ने AI का एक वीडियो जारी किया, जिसमें लोकसभा स्पीकर का मजाक उड़ाया गया, जिसे बीजेपी ने सदन की अवमानना माना और शिकायत दर्ज कराई. कांग्रेस के तीन नेताओं को नोटिस भेजा गया. दोनों पार्टियां AI वीडियो का इस्तेमाल कर विपक्षी नेताओं पर आरोप-प्रत्यारोप कर रही हैं.

ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और बीजेपी पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने कहा कि बीजेपी में दो विचारधाराएं दिख रही हैं और बटुकों के सम्मान को डैमेज कंट्रोल बताया. गोरक्षा के मुद्दे पर उन्होंने 40 दिन का समय दिया था, जिसमें 20 दिन शेष हैं. समय पूरा होने पर स्थिति साफ़ करने की बात कही है.

अब महाराष्ट्र सरकार ने उस पुराने अध्यादेश से जुड़े आखिरी प्रशासनिक आदेश भी वापस ले लिए हैं. यानी जो थोड़ी-बहुत औपचारिक संरचना बची थी, उसे भी खत्म कर दिया गया है. जमीन पर तुरंत कोई बदलाव नहीं होगा, क्योंकि यह आरक्षण पहले से लागू नहीं था. न शिक्षा में इसका फायदा मिल रहा था, न नौकरियों में. लेकिन कानूनी और राजनीतिक रूप से यह एक बड़ा संकेत है.

इंडिया टुडे की OSINT (ओपन सोर्स इंटेलिजेंस) टीम ने इंस्टाग्राम और यूट्यूब के 50 से ज्यादा ऐसे अकाउंट खंगाले, जहां स्टंट और हादसों के वीडियो डालकर एंगेजमेंट बढ़ाया जा रहा है. कई अकाउंट पहले से कमाई कर रहे हैं या उसकी तैयारी में हैं. सबसे खतरनाक बात ये है कि इसका असर सिर्फ स्क्रीन तक सीमित नहीं है, इससे सड़क पर चलने वाले आम लोगों की जान भी खतरे में पड़ रही है.

लॉरेंस बिश्नोई और हाशिम बाबा गैंग के सुप्रीम गैंगस्टर महफूज जिसे बॉबी कबूतर के नाम से जाना जाता है, को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने गिरफ्तार किया है. पहले ही दिन बॉबी कबूतर को पुलिस ने पकड़ लिया था और अब उसकी गर्लफ्रेंड खुशनुमा अंसारी उर्फ नेहा को भी ढूंढ़ कर गिरफ्तार किया गया है. खुशनुमा और बॉबी कबूतर दोनों ने लंबे समय तक पुलिस को छकाया था, लेकिन अब उनकी गिरफ्तारी से पुलिस महफूज गैंग पर बड़ा वार करने में कामयाब रही है.







