
बिहार के IAS अफसर समेत कई लोगों के ठिकानों पर ED की छापेमारी, कीमती घड़ियां और गहने जब्त
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संघीय जांच एजेंसी ED ने मंगलवार को पटना, दिल्ली, अमृतसर, चंडीगढ़ और पुणे में करीब 20 परिसरों में तलाशी शुरू की. जिनमें संजीव हंस के ठिकाने भी शामिल हैं. वह 1997 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के अधिकारी हैं और वर्तमान में बिहार ऊर्जा विभाग के प्रधान सचिव हैं.
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बिहार कैडर के आईएएस अधिकारी संजीव हंस, पूर्व राजद विधायक गुलाब यादव और अन्य कुछ लोगों के ठिकानों पर छापेमारी की. इस दौरान ईडी की टीम ने एक दर्जन से अधिक महंगी घड़ियां, करीब एक किलो सोने के आभूषण और कुछ निवेश के कागजात जब्त किए हैं. यह जानकारी बुधवार को आधिकारिक सूत्रों से मिली.
संघीय जांच एजेंसी ED ने मंगलवार को पटना, दिल्ली, अमृतसर, चंडीगढ़ और पुणे में करीब 20 परिसरों में तलाशी शुरू की. जिनमें संजीव हंस के ठिकाने भी शामिल हैं. वह 1997 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के अधिकारी हैं और वर्तमान में बिहार ऊर्जा विभाग के प्रधान सचिव हैं.
लालू प्रसाद के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनता दल के पूर्व विधायक गुलाब यादव ने 2015-2020 के बीच मधुबनी जिले की झंझारपुर विधानसभा सीट का प्रतिनिधित्व किया है.
धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत दर्ज ईडी का मामला जनवरी 2023 में बिहार पुलिस (पटना के रूपसपुर पुलिस स्टेशन) की एफआईआर से जुड़ा है, जिसमें एक महिला वकील के यौन शोषण, भ्रष्टाचार और जबरन वसूली के आरोप शामिल हैं.
पुलिस की शिकायत स्थानीय अदालत के आदेश पर आई, जहां महिला ने याचिका दायर की थी. सूत्रों ने पीटीआई को बताया कि राडो और रोलेक्स ब्रांड की कुल 15 घड़ियां, 1100 ग्राम सोने के आभूषण और कुछ निवेश दस्तावेज जब्त किए गए हैं. सूत्रों ने यह नहीं बताया कि कहां से क्या जब्त किया गया.

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