
बिटकॉइन और Cash for Vote के आरोप, घुसपैठ पर रार... महाराष्ट्र-झारखंड की चुनावी जंग के 11 बड़े फैक्टर
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ममहाराष्ट्र और झारखंड के विधानसभा चुनाव में मतदान हो रहा है. इस सत्ता समर में कई ऐसे फैक्टर भी हैं जो चुनाव नतीजे तय करेंगे. बिटकॉइन और कैश फॉर वोट के आरोप से लेकर ध्रुवीकरण तक, वो कौन से फैक्टर हैं जो चुनाव नतीजे तय करेंगे?
महाराष्ट्र और झारखंड में विधानसभा चुनाव अब अपने अंतिम पड़ाव पर है. महाराष्ट्र की 288, झारखंड में अंतिम चरण की 38 विधानसभा सीटों के लिए आज मतदान हो रहा है. तीन दिन बाद 23 नवंबर को विधानसभा चुनाव के नतीजे भी आ जाएंगे. इन चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की अगुवाई वाले गठबंधन के साथ ही विपक्षी पार्टियों और गठबंधनों का भी बहुत कुछ दांव पर लगा है.
उद्धव ठाकरे की अगुवाई वाली शिवसेना (यूबीटी) और एकनाथ शिंदे की शिवसेना, शरद पवार की अगुवाई वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एसपी) और अजित पवार की एनसीपी (एपी) के बीच असली-नकली पार्टी की लड़ाई है. झारखंड में बीजेपी और जेएमएम आदिवासी अस्मिता की पिच पर आमने-सामने हैं. दोनों ही राज्यों में जीत-हार कौन से फैक्टर तय करेंगे? मतदान के दिन बात इसे लेकर हो रही है.
हार-जीत तय करेंगे ये फैक्टर
महाराष्ट्र से लेकर झारखंड तक चुनाव प्रचार में सियासी दलों ने विकास का सागर बहाने के वादे किए, उपलब्धियां गिनाईं और उज्ज्वल कल की सुनहरी तस्वीर भी जनता को खूब दिखाई. लगभग हर बड़े नेता की रैली में भारी भीड़ भी नजर आई लेकिन कौन सी पार्टी चुनावी जनसभाओं की भीड़ को वोट में तब्दील कर पाती है, नतीजे इस पर निर्भर करेंगे. वादों-इरादों के बाद अब निर्णय की घड़ी आ गई है जब मतदाता सुन तो सबको चुका है, अब उसे अपने मन के तराजू पर तौलकर किसी दल को वोट करना है, यह निर्णय करेगा. महाराष्ट्र से झारखंड तक 11 फैक्टर ऐसे हैं जो वोटर का वोट तय करने में, जीत-हार तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे.
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1- कैश फॉर वोट कांड

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