
बिजनेस के लिए गरीबों की मदद करती है सरकार, बिना गारंटी के मिलता है लोन
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रेहड़ी-पटरी वालों को फिर से कारोबार शुरू करने के लिए कर्ज देने के लिए एक जून 2020 को पीएम स्वनिधि योजना शुरू की गई थी. पीएम स्वनिधि योजना के तहत ली गई लोन की राशि को एक साल की अवधि में चुकाया जा सकता है. सरकारी बैंक में लोन के लिए आवेदन किया जा सकता है.
कोरोना महामारी के दौरान हजारों लोगों का रोजगार ठप हो गया था. खासकर सड़क किनारे रेहड़ी-पटरी लगाने वालों को कोविड के दौरान बेहद ही मुश्किलों का सामना करना पड़ा. लॉकडाउन की वजह से उनका कारोबार चौपट हो गया. ऐसे में उनके लिए अपना और अपने परिवार का गुजारा करना मुश्किल हो गया. तब इस तरह के लोगों की मदद के लिए केंद्र सरकार (Central Government) ने पीएम स्वनिधि योजना (PM Svanidhi Scheme) की शुरुआत की. इस स्कीम के तहत रोजगार शुरू करने वाले छोटे व्यापारियों को सरकार बिना किसी गारंटी के लोन प्रदान करती है. सरकार ने इस स्कीम को खास तौर पर स्ट्रीट वेंडर्स के लिए शुरू किया है, जिन्हें कोविड के दौरान भारी नुकसान झेलना पड़ा था.
अब तक इतने कर्ज बांटे गए
रेहड़ी-पटरी वालों को फिर से कारोबार शुरू करने के लिए कर्ज देने के लिए एक जून 2020 को पीएम स्वनिधि योजना शुरू की गई थी. इस साल सात जुलाई को जारी सरकार के आंकड़े के अनुसार, इस स्कीम के तहत 53.7 लाख पात्र आवेदन प्राप्त हुए थे. इनमें से 36.6 लाख कर्ज मंजूर किए जा चुके थे और 33.2 लाख कर्ज बांटे जा चुके थे. जुलाई के आंकड़े अनुसार 3,592 करोड़ रुपये की कुल राशि वितरित की जा चुकी थी. सरकार ने बताया था कि लगभग 12 लाख रेहड़ी-पटरी वालों ने अपना पहला कर्ज चुका भी दिया था.
मिलती है सब्सिडी
पीएम स्वनिधि स्कीम के तहत सरकार रेहड़ी-पटरी वालों को फिर से अपना काम शुरू करने के लिए 10 हजार रुपये का लोन उपलब्ध कराती है. इस स्कीम की खास बात ये है कि लोन पर सरकार सब्सिडी भी प्रदान करती है. एक बार लोन चुकाने के बाद दूसरी बार डबल राशि कर्ज के रूप में लिया जा सकता है.
बिना गारंटी के मिलता है लोन

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