
बाबा सिद्दीकी के कातिलों के फोन में मिली बेटे जीशान की फोटो, स्नैपचेट पर हुई थी प्लानिंग... गहराई कत्ल की गुत्थी
AajTak
रिपोर्ट्स के मुताबिक, बाबा सिद्दीकी की हत्या में शामिल शूटर्स ने मुंबई के कुर्ला इलाके में किराए के मकान में रहते हुए यूट्यूब पर ट्यूटोरियल वीडियो देखकर हथियार चलाने की कला सीखी थी. आरोपियों ने करीब चार हफ्ते तक ऐसे वीडियो देखे और इंस्टाग्राम और स्नैपचैट के माध्यम से संवाद किया ताकि पुलिस की नज़र से बच सकें.
एनसीपी नेता और महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री बाबा सिद्दीकी की हत्या के एक हफ्ते बाद, मुंबई पुलिस को आरोपी के फोन में उनके बेटे की एक तस्वीर मिली है. पुलिस ने बताया कि इस मामले के मास्टरमाइंड ने स्नैपचैट के जरिए ज़ीशान सिद्दीकी की तस्वीर शूटर्स के साथ साझा की थी, और शूटर्स एवं साजिशकर्ताओं ने आपस में संवाद के लिए इस एप्लिकेशन का उपयोग किया था.
बाबा सिद्दीकी की हत्या उनके बेटे के ऑफिस के बाहर उस वक्त हुई थी जब वह दशहरे के मौके पर पटाखे फोड़ रहे थे. तीन शूटर्स में से गुरमेल सिंह और धर्मराज कश्यप को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि शिवकुमार गौतम अभी फरार है. चौथे आरोपी, हरिश कुमार बालक राम निषाद, को सोमवार को उत्तर प्रदेश में गिरफ्तार किया गया और मंगलवार को मुंबई लाया गया.
रिपोर्ट्स के मुताबिक, बाबा सिद्दीकी की हत्या में शामिल शूटर्स ने मुंबई के कुर्ला इलाके में किराए के मकान में रहते हुए यूट्यूब पर ट्यूटोरियल वीडियो देखकर हथियार चलाने की कला सीखी थी. आरोपियों ने करीब चार हफ्ते तक ऐसे वीडियो देखे और इंस्टाग्राम और स्नैपचैट के माध्यम से संवाद किया ताकि पुलिस की नज़र से बच सकें. इन दोनों ऐप्स में एक फीचर होता है जो संदेशों को देखे जाने या समय सीमा खत्म होने के बाद स्वचालित रूप से हटा देता है.
इस हत्या की जिम्मेदारी लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने ली है. गैंग के एक सदस्य ने फेसबुक पर पोस्ट किया, जिसमें बताया गया कि बाबा सिद्दीकी को इसलिए निशाना बनाया गया क्योंकि उनके बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान के साथ करीबी संबंध थे और उनके कथित अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम जैसे लोगों से संपर्क थे. सलमान खान को पिछले कुछ सालों से लॉरेंस बिश्नोई गैंग की तरफ से लगातार धमकियां मिलती रही हैं. सबसे हालिया घटना इस साल अप्रैल में हुई थी, जब बाइक सवार दो लोगों ने उनके मुंबई स्थित घर के बाहर गोलीबारी की थी.
जून 2022 में सलमान खान को एक अज्ञात व्यक्ति से एक हस्तलिखित नोट मिला था, जिसमें उन्हें सिंगर सिद्धू मूसे वाला की तरह अंजाम भुगतने की धमकी दी गई थी. सिद्धू मूसे वाला की मई 2022 में पंजाब के मानसा जिले में कथित रूप से बिश्नोई गैंग द्वारा हत्या कर दी गई थी.

नोएडा केवल उत्तर प्रदेश का शो विंडो नहीं है, बल्कि प्रति व्यक्ति आय, प्रति व्यक्ति कंज्यूमर शॉपिंग, प्रति व्यक्ति इनकम टैक्स, प्रति व्यक्ति जीएसटी वसूली आदि में यह शहर देश के चुनिंदा टॉप शहरों में से एक है. पर एक शहरी की जिंदगी की सुरक्षा की गारंटी नहीं देता है. बल्कि जब उसकी जान जा रही हो तो सड़क के किनारे मूकदर्शक बना देखता रहता है.

उत्तर प्रदेश की सरकार और ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के बीच चल रहे विवाद में नई उर्जा आई है. स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने खुली चुनौती के साथ योगी आदित्यनाथ को उनके शंकराचार्य होने पर सवाल उठाए हैं. इस मुद्दे ने राजनीति में तेजी से हलचल मचा दी है जहां विपक्ष शंकराचार्य के समर्थन में खड़ा है जबकि भाजपा चुप्पी साधे हुए है. दूसरी ओर, शंकराचार्य के विरोधी भी सक्रिय हुए हैं और वे दावा कर रहे हैं कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ही सच्चे स्वयंभू शंकराचार्य हैं.

उत्तर प्रदेश की सियासत में उल्टी गंगा बहने लगी है. मौनी अमावस्या के दिन स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के स्नान को लेकर हुआ विवाद अब बड़ा मुद्दा बन गया है. जहां खुद अविमुक्तेश्वरानंद के तेवर सरकार पर तल्ख हैं, तो वहीं बीजेपी पर शंकराचार्य के अपमान को लेकर समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. प्रशासन ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने प्रयागराज में संगम नोज तक पालकी पर जाकर स्नान करने से उन्हें रोका था.

झारखंड के लातेहार जिले के भैंसादोन गांव में ग्रामीणों ने एलएलसी कंपनी के अधिकारियों और कर्मियों को बंधक बना लिया. ग्रामीणों का आरोप था कि कंपनी बिना ग्राम सभा की अनुमति गांव में आकर लोगों को ठगने और जमीन हड़पने की कोशिश कर रही थी. पुलिस के हस्तक्षेप के बाद लगभग दो घंटे में अधिकारी सुरक्षित गांव से बाहर निकल सके.

दिल्ली के सदर बाजार में गोरखीमल धनपत राय की दुकान की रस्सी आज़ादी के बाद से ध्वजारोहण में निरंतर उपयोग की जाती है. प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल के बाद यह रस्सी नि:शुल्क उपलब्ध कराई जाने लगी. इस रस्सी को सेना पूरी सम्मान के साथ लेने आती है, जो इसकी ऐतिहासिक और भावनात्मक महत्ता को दर्शाता है. सदर बाजार की यह रस्सी भारत के स्वाधीनता संग्राम और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक बनी हुई है. देखिए रिपोर्ट.

संभल में दंगा मामले के बाद सीजेएम के तबादले को लेकर विवाद शुरू हो गया है. पुलिस के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए गए थे लेकिन पुलिस ने कार्रवाई नहीं की. इस पर सीजेएम का अचानक तबादला हुआ और वकील प्रदर्शन कर रहे हैं. समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और AIMIM ने न्यायपालिका पर दबाव बनाने का आरोप लगाया है. इस विवाद में राजनीतिक सियासत भी जुड़ी है. हाई कोर्ट के आदेशानुसार जजों के ट्रांसफर होते हैं लेकिन इस बार बहस हुई कि क्या यहां राज्य सरकार ने हस्तक्षेप किया.







