
बादलों को लगाया इलेक्ट्रिक शॉक, तपती गर्मी के बीच होने लगी बारिश!
AajTak
भीषण गर्मी से राहत पाने के लिए संयुक्त अरब अमीरात को बारिश (UAE Rains) की सख्त दरकार थी. ऐसे में प्राकृतिक बारिश न होते देख UAE ने खुद से ही कृत्रिम बारिश करवाने की ठान ली.
संयुक्त अरब अमीरात इन दिनों भीषण गर्मी से बेहाल है. यहां पारा 50 डिग्री सेल्सियस तक जा पहुंचा है. ऐसे में प्रचंड गर्मी से राहत पाने के लिए संयुक्त अरब अमीरात को बारिश (UAE Rains) की सख्त दरकार थी. लेकिन प्राकृतिक बारिश न होते देख UAE ने खुद से ही कृत्रिम बारिश करवाने की ठान ली. (फोटो क्रेडिट- Getty Images) डेली मेल के मुताबिक, संयुक्त अरब अमीरात के मौसम विभाग ने रविवार को दुबई समेत देश के कई हिस्सों में भारी बारिश होने का वीडियो फुटेज जारी किया. विभाग ने बताया कि भारी बारिश के कारण Ail Ain शहर में झरने दिखाई दिए और ड्राइविंग करना मुश्किल हो गया. (फोटो क्रेडिट- Getty Images)
ईरान ने दावा किया है कि उसकी नेवी के एयर डिफेंस ने दो अमेरिकी ड्रोन मार गिराए. ईरान की स्टेट मीडिया के मुताबिक ये दोनों सुसाइड ड्रोन कथित तौर पर अमेरिकी सेना के थे. ईरान की सेना के मुताबिक ड्रोन का पता लगाया गया, उसे ट्रैक किया गया और इससे पहले कि वो बंदर अब्बास नौसैनिक बेस को निशाना बनाते, उन्हें मार गिराया गया. देखें वीडियो.

ईरान-इजरायल युद्ध आज अपने 24वें दिन में प्रवेश कर चुका है, लेकिन शांति की कोई गुंजाइश दिखने के बजाय यह संघर्ष अब एक विनाशकारी मोड़ ले चुका है. ईरान द्वारा इजरायल के अराद और डिमोना शहरों पर किए गए भीषण मिसाइल हमलों से दुनिया हैरान है. ये शहर रणनीतिक रूप से अत्यंत संवेदनशील हैं, इसलिए अब यह जंग सीधे तौर पर परमाणु ठिकानों की सुरक्षा के लिए खतरा बन गई है. युद्ध का सबसे घातक असर ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ा है.

तेल टैंकरों के लिए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का रास्ता खोलने को लेकर ईरान को ट्रंप ने 48 घंटे की धमकी थी. समय सीमा खत्म होने से पहले ही नेटो एक्शन में आ गया है. नेटो महासचिव ने बताया कि होर्मुज में मुक्त आवाजाही सुवनिश्चित करने के लिए 22 देशों का समूह बन रहा है. साथ ही उन्होनें कहा कि ईरान के खिलाफ अमेरिका का कदम जरूरी था.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ईरान को होर्मुज पर धमकी अब उन्हीं पर उलटी पड़ चुकी है. ट्रंप ने ईरान को 48 घंटे की डेडलाइन देकर होर्मुज खोलने को कहा था, जिसके बाद अब ईरान ने ट्रंप के स्टाइल में ही उन्हें जवाब देते हुए कहा कि यदि अमेरिका उनपर हमला करेगा तो ईरान भी अमेरिका के एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाएगा.









