बाढ़ और बीमारी से पस्त पाकिस्तान ने फिर देखा भारत की ओर, चाहिए 71 लाख 'सुरक्षा कवच'
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पाकिस्तान के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के कुछ हिस्सों में त्वचा संक्रमण, दस्त और मलेरिया जैसी बीमारियां लोगों को अपनी चपेट में ले रही हैं. जिसके कारण 324 लोगों की मौत हो गई है. बाढ़ से विस्थापित हुए सैकड़ों-हजारों लोग खुले में रह रहे हैं और सैकड़ों किलोमीटर में फैले बाढ़ के पानी को कम होने में दो से छह महीने लग सकते हैं.
बाढ़ और आर्थिक संकट से जूझ रहे पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. कारण, अब पाकिस्तान की जनता मलेरिया के कहर से जूझ रही है. आलम ये है कि लोगों के पास मच्छरों से बचाव के लिए मच्छरदानी तक नहीं है. जिसके चलते एक बार फिर पड़ोसी देश को भारत की याद आई है. दरअसल, पाकिस्तान के एक वरिष्ठ पत्रकार गुलाम अब्बास शाह ने दावा किया है कि पाकिस्तान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने मलेरिया के प्रकोप से बचने के लिए भारत से 71 लाख मच्छरदानी आयात करने की अनुमति मांगी है.
पाकिस्तान के वरिष्ठ पत्रकार ने हैशटैग FloodsIn Pakistan के साथ ट्वीट करते हुए लिखा, "पाकिस्तान में मलेरिया फैलने के बाद स्वास्थ्य मंत्रालय ने पाकिस्तान सरकार से भारत से मच्छरदानी खरीदने की अनुमति मांगी. पाकिस्तान के 26 जिलों में 71 लाख मच्छरदानी की तत्काल आवश्यकता है."
उन्होंने दावा किया कि बाढ़ प्रभावित सिंध और बलूचिस्तान में पिछले दो महीनों में दो लाख लोग मलेरिया से संक्रमित हुए हैं. जिनमें 22 फीसदी मामले प्लास्मोडियम फाल्सीपेरम प्रकार के हैं.
गंभीर बीमारियों की चेपट में आ रहे लोग
जियो न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के कुछ हिस्सों में त्वचा संक्रमण, दस्त और मलेरिया जैसी बीमारियां लोगों को अपनी चपेट में ले रही हैं. जिसके कारण 324 लोगों की मौत हो गई है. बाढ़ से विस्थापित हुए सैकड़ों-हजारों लोग खुले में रह रहे हैं और सैकड़ों किलोमीटर में फैले बाढ़ के पानी को कम होने में दो से छह महीने लग सकते हैं. वहीं जगह-जगह जलभराव के कारण गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं पैदा हो गई हैं.
गंदा पानी पीने को मजबूर हैं लोग

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