
बाइडेन ने PM मोदी को दी तवज्जो, सऊदी अरब समेत कई दोस्त दरकिनार
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अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने करीब 110 देशों को लोकतंत्र के विषय पर एक वर्चुएल सम्मेलन के लिए इंवाइट किया है. उन्होंने इस सम्मेलन के लिए कई पश्चिमी देशों के अलावा इराक, भारत और पाकिस्तान जैसे देशों को भी न्यौता भेजा है. हालांकि इस लिस्ट में चीन का नाम नहीं है.
अमेरिका और भारत के बीच संबंधों में लगातार बेहतरी देखने को मिली है. कुछ समय पहले ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अमेरिका में गर्मजोशी से स्वागत किया गया था. इस दौरान पीएम मोदी ने अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन और वाइस प्रेसीडेंट कमला हैरिस से मुलाकात की थी. रूस से एस-400 मिसाइल के रक्षा सौदा करने के बावजूद अमेरिका में भारत का दबदबा ऐसा है कि कई अमेरिकी सांसदों ने भारत पर प्रतिबंध ना लगाने की वकालत की है और अब अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने एक खास वर्चुएल कॉन्फ्रेंस के लिए 110 देशों की लिस्ट में भारत को भी शामिल किया है.

ईरान ने दावा किया है कि उसकी नेवी के एयर डिफेंस ने दो अमेरिकी ड्रोन मार गिराए. ईरान की स्टेट मीडिया के मुताबिक ये दोनों सुसाइड ड्रोन कथित तौर पर अमेरिकी सेना के थे. ईरान की सेना के मुताबिक ड्रोन का पता लगाया गया, उसे ट्रैक किया गया और इससे पहले कि वो बंदर अब्बास नौसैनिक बेस को निशाना बनाते, उन्हें मार गिराया गया. देखें वीडियो.

ईरान-इजरायल युद्ध आज अपने 24वें दिन में प्रवेश कर चुका है, लेकिन शांति की कोई गुंजाइश दिखने के बजाय यह संघर्ष अब एक विनाशकारी मोड़ ले चुका है. ईरान द्वारा इजरायल के अराद और डिमोना शहरों पर किए गए भीषण मिसाइल हमलों से दुनिया हैरान है. ये शहर रणनीतिक रूप से अत्यंत संवेदनशील हैं, इसलिए अब यह जंग सीधे तौर पर परमाणु ठिकानों की सुरक्षा के लिए खतरा बन गई है. युद्ध का सबसे घातक असर ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ा है.

तेल टैंकरों के लिए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का रास्ता खोलने को लेकर ईरान को ट्रंप ने 48 घंटे की धमकी थी. समय सीमा खत्म होने से पहले ही नेटो एक्शन में आ गया है. नेटो महासचिव ने बताया कि होर्मुज में मुक्त आवाजाही सुवनिश्चित करने के लिए 22 देशों का समूह बन रहा है. साथ ही उन्होनें कहा कि ईरान के खिलाफ अमेरिका का कदम जरूरी था.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ईरान को होर्मुज पर धमकी अब उन्हीं पर उलटी पड़ चुकी है. ट्रंप ने ईरान को 48 घंटे की डेडलाइन देकर होर्मुज खोलने को कहा था, जिसके बाद अब ईरान ने ट्रंप के स्टाइल में ही उन्हें जवाब देते हुए कहा कि यदि अमेरिका उनपर हमला करेगा तो ईरान भी अमेरिका के एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाएगा.









