
बांग्लादेश से भागकर 38 साल पहले असम में बसी थी महिला, अब CAA के तहत मिली नागरिकता
ABP News
यह मामला धोलाई विधानसभा के हवैथांग इलाके का है. यहां दीपाली दास नाम की महिला को फरवरी, 2019 में अवैध प्रवासी घोषित किया था, उसे अब CAA के तहत नागरिकता मिल गई है.
असम में सीएए (CAA) कानून के तहत एक विदेशी घोषित महिला को भारत की नागरिकता मिली है. मामला असम के कछार जिले का है. यहां विदेशी घोषित किए जाने के बाद दो साल हिरासत में बिताने वाली एक महिला को नागरिकता संशोधन अधिनियम के तहत नागरिकता प्रदान की गई है. यह जानकारी खुद महिला के वकील ने दी है.
मामला धोलाई विधानसभा के हवैथांग इलाके का है. यहां 59 साल की दीपाली दास नाम की महिला को फरवरी 2019 में अवैध प्रवासी घोषित किया था. वह असम की पहली विदेशी महिला थीं. इन्हें निरुद्ध केंद्र में रखा गया, हालांकि बाद में जमानत पर रिहा कर दिया गया, ताकि उसे सीएए के तहत भारत की नागरिकता मिल सके.
महिला के वकील ने क्या जानकारी दी?
महिला के वकील धर्मानंद देव का कहना है कि अधिकरण के आदेश के बाद पुलिस ने उसे हिरासत में लिया. उसी साल 10 मई को सिलचर के निरुद्ध केंद्र भेजा. यहां वो लगभग दो साल रहीं. सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद 17 मई 2021 को जमानत पर रिहा किया गया.













