
बांग्लादेश सरकार की पहली कैबिनेट मीटिंग, तारिक रहमान का सख्त संदेश- मॉब कल्चर बर्दाश्त नहीं
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बांग्लादेश के गृहमंत्री सलाहुद्दीन अहमद ने कहा कि सरकार की प्राथमिकताओं को ध्यान में रखते हुए सबसे पहले आवश्यक वस्तुओं की कीमतों को नियंत्रित करना और उनकी आपूर्ति सुनिश्चित करना, कानून-व्यवस्था को और बेहतर बनाना तथा बिजली और ऊर्जा क्षेत्र में किसी तरह की समस्या न होने देना सरकार की प्राथमिकता है.
बांग्लादेश में नई सरकार का गठन हो गया है. प्रधानमंत्री तारिक रहमान की अध्यक्षता में बुधवार को नई कैबिनेट की बैठक हुई. इस बैठक में प्रधानमंत्री तारिक रहमान के नेतृत्व वाली नई कैबिनेट के सदस्य और सलाहकार शामिल हुए. बैठक में सरकार ने शुरुआती तौर पर तीन प्रमुख प्राथमिकताएं तय कीं और उन्हें लागू करने का निर्णय लिया.
इन तीन प्राथमिकताओं में आवश्यक वस्तुओं की कीमतों पर नियंत्रण, कानून-व्यवस्था की स्थिति में सुधार और बिजली व ऊर्जा की सामान्य आपूर्ति सुनिश्चित करना शामिल है. बैठक दोपहर करीब तीन बजे प्रधानमंत्री तारिक रहमान की अध्यक्षता में शुरू हुई. इसके बाद प्रधानमंत्री ने सचिवों के साथ भी अलग से बैठक की. बैठक समाप्त होने के बाद नए गृह मंत्री सलाहुद्दीन अहमद और सूचना एवं प्रसारण मंत्री जहुरुद्दीन स्वपन ने कैबिनेट में लिए गए फैसलों की जानकारी दी.
गृह मंत्री ने बताया कि सरकार के पहले दिन कैबिनेट बैठक आयोजित करना परंपरा है. प्रधानमंत्री ने मंत्रियों और सलाहकारों को कुछ आवश्यक दिशानिर्देश दिए हैं. सरकार ने 180 दिनों के लिए प्राथमिकताएं तय की हैं, जिनकी विस्तृत जानकारी बाद में दी जाएगी.
सलाहुद्दीन अहमद ने कहा कि सरकार की प्राथमिकताओं को ध्यान में रखते हुए सबसे पहले आवश्यक वस्तुओं की कीमतों को नियंत्रित करना और उनकी आपूर्ति सुनिश्चित करना, कानून-व्यवस्था को और बेहतर बनाना तथा बिजली और ऊर्जा क्षेत्र में किसी तरह की समस्या न होने देना सरकार की प्राथमिकता है.
सूचना एवं प्रसारण मंत्री जहुरुद्दीन स्वपन ने कहा कि रमजान के मद्देनज़र सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता आवश्यक वस्तुओं की कीमतों को नियंत्रित करना है. साथ ही लोगों के लिए कानून-व्यवस्था की स्थिति संतोषजनक बनाए रखना और विशेषकर इफ्तार के समय बिजली की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करना भी प्राथमिकता में शामिल है. इन प्राथमिकताओं को लागू करने के लिए संबंधित मंत्री एक से दो दिनों के भीतर अपनी कार्य योजना प्रधानमंत्री को सौंपेंगे और उसके बाद प्रधानमंत्री के निर्देशानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी.

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