
बंगाल में बीजेपी की 'पोरिबोर्तन यात्रा', ममता बनर्जी के लिए कितनी बड़ी चुनौती?
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बीजेपी का मिशन बंगाल शुरू हो चुका है. एक पखवाड़े के भीतर बीजेपी ने सभी 294 विधानसभाओं से होते हुए 5000 किलोमीटर की परिवर्तन यात्रा पूरी करने का बीड़ा उठाया है - शुरुआत बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन ने की है, और समापन रैली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे.
लोहे से ही लोहे को काटा जा सकता है. बंगाल में बीजेपी को भी बिल्कुल ऐसा ही लग रहा है. बीजेपी की 'पोरिबोर्तन यात्रा' का मकसद भी यही है. 'पोरिबोर्तन' के नारे के साथ ही ममता बनर्जी पश्चिम बंगाल की सत्ता में आई थीं.
2011 से पहले जो बातें ममता बनर्जी वाम मोर्चा शासन के खिलाफ लोगों को समझा रही थीं, अब बीजेपी वही बातें तृणमूल कांग्रेस सरकार के खिलाफ समझा रही है. 1 मार्च को शुरू हुई ये यात्रा पश्चिम बंगाल के सभी विधानसभा क्षेत्रों से गुजरने वाली है - और बंगाल बीजेपी की यात्रा का समापन 15 मार्च को कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में बीजेपी की रैली के साथ होगा.
पश्चिम बंगाल पर बीजेपी की नजर तो 2014 में केंद्र की सत्ता पर काबिज होने के बाद से ही लगी हुई है, लेकिन हौसला बढ़ा 2019 के आम चुनाव में लोकसभा की 18 सीटें मिल जाने के बाद. भले ही बीजेपी वो वह कामयाबी न तो 2021 के विधानसभा चुनाव में दोहरा पाई, न ही 2024 के आम चुनाव में. लेकिन, नए जोश के साथ उसी मिशन में लगी हुई है - और ममता बनर्जी के लिए अब यही सबसे बड़ी चुनौती है.
बीजेपी की 'पोरिबोर्तन यात्रा'
परिवर्तन यात्रा का आरंभ बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन ने किया है, और समापन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कोलकाता रैली के साथ करेंगे. परिवर्तन यात्रा की शुरुआत 9 जगहों से की जा रही है, और यह यात्रा पश्चिम बंगाल विधानसभा के 294 क्षेत्रों को कवर करने जा रही है. शुरुआती दो दिनों के बाद 3 और 4 मार्च को डोल यात्रा और 4 मार्च को होली के कारण यात्रा में कोई रैली नहीं होगी.
बीजेपी अध्यक्ष के बाद अमित शाह और राजनाथ सिंह ने तो मोर्चा संभाल ही लिया है, आगे की यात्रा में कई केंद्रीय मंत्री और बीजेपी के और भी दिग्गज नेता दिखाई देंगे, ऐसा बताया गया है. पूर्व बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा, शिवराज सिंह चौहान, नितिन गडकरी, धर्मेंद्र प्रधान, स्मृति ईरानी और देवेंद्र फडणवीस ऐसी ही सूची में शामिल हैं.

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