
बंगाल में अकेले लड़ेंगी ममता, UP में अखिलेश का दबदबा, महाराष्ट्र में उद्धव गुट ने दिखाई आंख... सीट शेयरिंग से पहले इंडिया ब्लॉक में टकराव!
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इंडिया अलायंस के सहयोगी दलों के बीच सीट शेयरिंग से पहले ही टकराव देखने को मिल रहा है. उद्धव ठाकरे की शिवसेना और कांग्रेस के बीच सीट बंटवारे को लेकर विवाद हो गया है. पंजाब और दिल्ली में आम आदमी पार्टी की दावेदारी ने अलायंस की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी अपने इरादे जाहिर कर दिए हैं. उन्होंने कहा कि बंगाल में टीएमसी और बीजेपी के बीच लड़ाई है.
लोकसभा चुनाव के लिए विपक्षी गठबंधन इंडिया अलायंस में सीट बंटवारे का फॉर्मूला कैसा रहेगा? इसे लेकर राजनीतिक गलियारों में तो चर्चाएं चल ही रही हैं, लेकिन गठबंधन के सहयोगी दलों में भी अभी से टकराव और विवाद की खबरें आने लगी हैं. महाराष्ट्र में खुलकर यह लड़ाई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर दिखने लगी है. शिवसेना (उद्धव गुट) और कांग्रेस नेता आपस में भिड़ गए हैं. पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री और टीएमसी नेता ममता बनर्जी ने साफ कर दिया है कि वो अपने राज्य में अकेले लड़ाई लड़ेंगी. यानी कांग्रेस और लेफ्ट को सीट शेयरिंग के लिए तैयार नहीं हैं. इसी तरह सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव का यूपी में दबदबा देखने को मिल रहा है. अखिलेश लगातार इसके संकेत भी दे रहे हैं.
बता दें कि इंडिया गठबंधन की बैठक में सीटों को लेकर सहमति बनाने के लिए 31 दिसंबर की डेडलाइन तय की गई लेकिन यह कैसे होगा? यह स्थिति अभी तक स्पष्ट नहीं हो सकी है. पंजाब, दिल्ली से लेकर महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल और यूपी तक में सीट शेयरिंग पर पेंच फंसा है और अलायंस में शामिल पार्टियों के स्थानीय नेताओं में टकराव देखने को मिल रहा है. हालांकि, दिल्ली की बैठक के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा था कि पहले राज्य स्तर पर सीटों का मसला सुलझाने की कोशिश होगी. वहां बात नहीं बन पाई तब इसे दिल्ली में सुलझाया जाएगा. दिल्ली और पंजाब जैसे राज्यों में जहां दिक्कत है, वहां समस्या कैसे सुलझाना है, ये बाद में तय किया जाएगा. अब डेडलाइन में सिर्फ एक दिन ही बाकी है.
'महाराष्ट्र: कोई भी हिस्सा छोड़ने को तैयार नहीं'
सबसे पहले बात महाराष्ट्र की करते हैं. यहां इस बात को लेकर चर्चा है कि महाविकास अघाड़ी में शामिल दल कांग्रेस, उद्धव गुट और एनसीपी में सीटों का बंटवारा कैसे होगा. राज्य में कुल 48 लोकसभा सीटें हैं. उद्धव ठाकरे गुट की तरफ से 23 सीटों की मांग की जा रही है. इसकी सूची तैयार कर ली है. हालांकि, अलायंस में शामिल कांग्रेस इसके लिए तैयार नहीं है. अलायंस में प्रकाश अंबेडकर की पार्टी भी आएगी. हर कोई अपना हिस्सा चाहता है. कोई भी हिस्सा छोड़ने को तैयार नहीं है. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर सीट शेयरिंग को लेकर उद्धव गुट के राज्यसभा सांसद संजय राउत और कांग्रेस नेता मिलिंद देवड़ा के बीच टकराव देखा गया है.
संजय राउत ने कहा, 'कांग्रेस जीरो से शुरुआत करेगी'
शिवसेना उद्धव गुट से राज्यसभा सांसद संजय राऊत ने सीधे तौर पर 23 सीटों पर दावा किया और कहा, पश्चिम मुंबई सीट को लेकर अभी तक शिवसेना और कांग्रेस के बीच चर्चा नहीं हुई है, इसलिए भले ही अभी कुछ लोग इस पर चर्चा कर रहे हैं, हम इस पर वरिष्ठ नेताओं से चर्चा करेंगे और फैसला लेंगे. राउत ने कहा, ठाकरे की शिवसेना 23 सीटों पर चुनाव लड़ेगी. राउत ने यह भी साफ किया कि जिन सीटों पर शिवसेना ने चुनाव लड़ा है, उन पर दावेदारी कायम रहेगी. राउत ने कहा, कांग्रेस को हमें यह नहीं बताना चाहिए कि शिवसेना अलग हुई है या नहीं. भले ही विधायक और सांसद पार्टी छोड़ रहे हैं, लेकिन जनता ही उन्हें चुनती है. 23 सीटों पर शिवसेना ने स्थायी रूप से चुनाव लड़ा है और उनमें से 18 पर शिवसेना के उम्मीदवार हैं. अब भले ही कुछ सांसदों ने शिवसेना छोड़ दी है, लेकिन उन्होंने मजबूती से कहा कि शिवसेना 23 सीटों पर चुनाव लड़ेगी.

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