
बंगाल की खाड़ी में बना साइक्लोनिक डिप्रेशन किधर मूव कर रहा है, किन राज्यों में होगा असर, कहां लैंडफॉल करेगा? सारे सवालों के जवाब
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मौसम विभाग के मुताबिक, देश से दक्षिण-पूर्व मॉनसून की विदाई हो चुकी है, वहीं, दक्षिण भारत में पूर्वोत्तर मॉनसून की एंट्री हो गई है. इसी बीच बंगाल की दक्षिणी-पश्चिमी खाड़ी में साइक्लोनिक डीप डिप्रेशन बना है, जो 17 अक्टूबर को दक्षिण आंध्र के नेल्लोर और उत्तरी पुडुचेरी के बीच टकराने की दिशा में आगे बढ़ रहा है. इसके असर से कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है.
देश से मॉनसून तो विदा हो चुका है, लेकिन अब बंगाल की खाड़ी में तूफान का खतरा मंडरा रहा है. मौसम विभाग की मानें तो बंगाल की दक्षिणी-पश्चिमी खाड़ी में डीप डिप्रेशन बना है, जो 17 अक्टूबर को दक्षिण आंध्र के नेल्लोर और उत्तरी पुडुचेरी के बीच टकराने की दिशा में आगे बढ़ रहा है. यह तूफान 10 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से उत्तर-पश्चिम की तरफ बढ़ रहा है, जिसकी वजह से अगले दो दिनों में दक्षिणी आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, दक्षिणी कर्नाटक और केरल के कई जिलों में भारी से अति भारी बारिश होने की संभावना है.
किस तरफ बढ़ रहा बंगाल की खाड़ी में उठा तूफान?
IMD के मुताबिक, दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना दबाव पिछले 6 घंटों के दौरान 12 किमी प्रति घंटे की गति से पश्चिम-उत्तर पश्चिम की ओर बढ़ गया है और आज यानी 16 अक्टूबर 2024 को 05:30 बजे IST पर उसी क्षेत्र में अक्षांश 12.1 डिग्री उत्तर और देशांतर 83.4 डिग्री पूर्व के पास, चेन्नई (तमिलनाडु) से लगभग 360 किमी पूर्व-दक्षिणपूर्व, पुडुचेरी से 390 किमी पूर्व और नेल्लोर (आंध्र प्रदेश) से 450 किमी दक्षिणपूर्व में केंद्रित है. इसके पश्चिम-उत्तर पश्चिम की तरफ बढ़ने और 17 अक्टूबर की सुबह के दौरान चेन्नई के करीब पुडुचेरी और नेल्लोर के बीच उत्तर तमिलनाडु - दक्षिण आंध्र प्रदेश तटों को पार करने की संभावना है.
इन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट
बंगाल की खाड़ी में बने साइक्लोनिक डिप्रेशन की वजह से तटीय आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, केरल, आंतरिक कर्नाटक और दक्षिण तेलंगाना में आज मूसलाधार बारिश होने की संभावना है. मौसम विभाग के मुताबिक, इस दबाव के परिणामस्वरूप दक्षिण आंध्र और उत्तर-पूर्व तमिलनाडु में अगले 24 से 36 घंटों में भारी बारिश होगी. तटीय क्षेत्र भारी बारिश के साथ अन्य तीव्र मौसम स्थितियों के लिए अलर्ट पर हैं, जिसमें बाढ़ भी शामिल है. मौसम पूर्वानुमान के मुताबिक, बारिश और तेज़ हवाएं बढ़ेंगी. प्रभावित क्षेत्रों के लोगों और प्रशासन से इस मौसम की घटना के संभावित प्रभाव को कम करने के लिए एहतियाती कदम उठाने का आग्रह किया गया है. इस तूफान की वजह से आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु के तट पर मूसलाधार बारिश होने की संभावना है. वहीं, 16 और 17 अक्टूबर को तमिलनाडु, केरल, आंतरिक कर्नाटक और तेलंगाना के कुछ हिस्से में भारी बारिश होने की संभावना है.

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