
बंगालः उम्मीदवारों के नाम तय तो फिर ममता के लिए 'शुक्रवार' का इंतजार क्यों, क्या है राज
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पिछले 2 विधानसभा चुनावों के इतर इस बार तृणमूल कांग्रेस के सामने पहली बार बीजेपी मुकाबले में खड़ी है. ऐसे में ममता बनर्जी अपने उम्मीदवारों के नामों का ऐलान अपने शुभ दिन यानी आज शुक्रवार को कर सकती हैं. पार्टी ने सभी 294 उम्मीदवारों के नाम तय कर लिए हैं.
बंगाल में इस बार 8 चरणों में हो रहे विधानसभा चुनाव को लेकर राज्य में राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है. सत्तारुढ़ तृणमूल कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के बीच कांटे की टक्कर देखी जा रही है. कहा जा रहा है कि टीएमसी ने उम्मीदवारों का चयन भी कर लिया है लेकिन पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी उम्मीदवारों के ऐलान के लिए शुक्रवार का इंतजार कर रही हैं. आखिर इसके पीछे की वजह क्या है? मुख्यमंत्री ममता बनर्जी लगातार तीसरी बार चुनाव जीतने की कोशिश में लगी हुई हैं और इस बार उनको भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) से कड़ी चुनौती मिलती दिख रही है. बीजेपी इस बार यहां से पहली बार चुनाव जीतने की हरसंभव कोशिश में है. फिलहाल ममता की पार्टी पिछली 2 बार की तरह इस बार भी एक साथ ही अपने सभी उम्मीदवारों के नामों का ऐलान करने को तैयार है.
अहमदाबाद के घाटलोडिया इलाके में नेशनल स्कूल के बाहर दसवीं के छात्र पर जानलेवा हमला हुआ है. परीक्षा खत्म होने के तुरंत बाद 8 से 10 हमलावरों ने छात्र को घेर लिया और उसे स्कूल से लगभग 50 मीटर दूर तक घसीट कर चाकू, पाइप और लकड़ी से बेरहमी से मारा. इस मामले में स्कूल के चार छात्र और उनके साथी शामिल हैं. पुलिस ने बताया कि यह हमला पुरानी रंजिश के कारण हुआ है.

जम्मू-कश्मीर के किश्तवार जिले में ऑपरेशन त्राशी-1 के दौरान सुरक्षा बलों ने आतंकियों की छिपने की जगह का सफलतापूर्वक भंडाफोड़ किया है. यह ऑपरेशन आतंकवाद के खिलाफ बड़ी कार्रवाई के तहत किया गया जिसमें आतंकियों को पकड़ने और उन्हें मार गिराने के उद्देश्य से सुरक्षा बल सक्रिय थे. इस अभियान में आतंकियों के छिपने के स्थान का पता चलने से इलाके में सुरक्षा अभी और सख्त हो गई है.

प्रयागराज माघ मेला प्राधिकरण ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को शंकराचार्य पद के दावे पर नोटिस जारी किया है, जिसमें सुप्रीम कोर्ट के अक्टूबर 2022 के आदेशों का हवाला दिया गया है. स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा कि नोटिस सुप्रीम कोर्ट की अवमानना है और उन्होंने कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है.

कोर्ट ने पारदर्शी और जवाबदेह प्रणाली बनाने पर जोर दिया ताकि बिना नसबंदी वाले कुत्तों की रिपोर्टिंग हो सके. 28 जनवरी को सरकारों की ओर से सॉलिसिटर जनरल अपनी दलीलें प्रस्तुत करेंगे. कोर्ट ने एनिमल राइट्स एक्टिविस्ट के पॉडकास्ट पर नाराजगी जताई और मामले की गंभीरता को रेखांकित किया. ये सुनवाई आवारा कुत्तों की समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है.

कोर्ट ने कहा कि शिकायतकर्ता को जाति के आधार पर अपमानित करने की स्पष्ट मंशा होनी चाहिए। पटना हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में एफआईआर और आरोप पत्र में जाति-आधारित अपमान के अभाव को रेखांकित किया। कोर्ट ने एससी एसटी एक्ट की धारा 3(1) के प्रावधानों को दोहराते हुए कहा कि केवल अपशब्दों का प्रयोग अपराध नहीं बनता।








