
फ्रीबीज पर सुनवाई को तैयार सुप्रीम कोर्ट, CJI सूर्यकांत बोले- यह बेहद ही गंभीर मुद्दा
AajTak
याचिकाकर्ता ने फ्रीबीज पर तंज कसते हुए कहा कि राजनीतिक दल इतनी चीजें मुफ्त देने का वादा कर चुके हैं कि अब सिर्फ सूरज और चांद दिए जाने का वादा करना ही बचा रह गया है.
चुनावी मौसम में फ्रीबीज पर 'सुप्रीम' अदालत ने बड़ी टिप्पणी की है. CJI जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि यह बेहद अहम मुद्दा है और आम लोगों से जुड़ा हुआ है.
राजनीतिक दलों द्वारा सियासी फायदे के लिए मतदाताओं को फ्रीबीज (मुफ्त उपहारों) पर रोक लगाने से संबंधित याचिका पर उच्चतम न्यायालय सुनवाई के लिए तैयार हो गया है. CJI सूर्यकांत ने इस पर टिप्पणी करते हुए कहा कि फ्रीबीज का मुद्दा बहुत ही महत्वपूर्ण है.
कोर्ट ने इस मामले पर मार्च में सुनवाई का भरोसा देते हुए कहा कि इस मामले पर तीन जजों की बेंच सुनवाई करेगी.
आज (बुधवार) इस मामले में याचिकाकर्ता वकील अश्विनी उपाध्याय ने मामले की जल्द सुनवाई की गुहार लगाते हुए कहा कि पांच राज्यों में विधानसभा होने हैं. इन चुनाव में फिर राजनीतिक दल लोगों को मुफ्त की रेवड़ी का वादा करेंगे. यह सब करप्ट प्रैक्टिस के दायरे में आता है.
ये भी पढ़ें: क्या चुनावों के बाद बदल जाती हैं फ्रीबीज और महिला केंद्रित स्कीम?
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि राजनीतिक दल इतनी चीजें मुफ्त देने का वादा कर चुके हैं कि अब सिर्फ सूरज और चांद दिए जाने का वादा करना ही बचा रह गया है. फ्रीबीज (मुफ्त की रेवड़ी) करप्ट प्रैक्टिस के दायरे में आता है. इस पर तत्काल रोक लगाने की जरूरत है.

'ऐसे बनेंगे विश्वगुरु...', सिलेंडर के लिए लाइन में खड़े बच्चे ने ऐसा क्या कहा कि हो गया वायरल; देखें
मध्य प्रदेश के छतरपुर शहर के पन्ना रोड पर खुले स्वरूप गैस एजेंसी के गोदाम से लोगों को LPG गैस सिलेंडर वितरित किए जा रहे हैं और लोग घरेलू गैस सिलेंडर के लिए लंबी-लंबी कतार में लगे हुए हैं. इसी लाइन में लगे एक 14 वर्षीय लड़के ने अपनी अपनी प्रतिक्रिया देते हुए सबके होश उड़ा दिए,जिसका वीडियो जबरदस्त वायरल हो रहा है. देखिए.

महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में LPG सिलेंडर की कमी से ज्यादातर खाने पीने के स्टॉल परेशान है. और इससे खाना पकाने का भी खर्चा बढ़ गया है, क्योंकि कमर्शियल गैस नहीं मिलने की वजह से कई लोगों मे कोयले की भट्टी और इलेक्ट्रिक स्टोव का इस्तेमाल करना शुरु कर दिया है. कुछ दुकानदारों ने ये बढ़ा हुआ खर्च ग्राहकों पर डाल दिया है.











