
फ्रांस चुनाव में वामपंथी पार्टी की जीत का अनुमान, पेरिस में भड़की हिंसा, प्रदर्शनकारियों ने मचाया उत्पात
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France Election Results: फ्रांस के इस चुनाव में दक्षिणपंथी नेशनल रैली (RN) के बहुमत हासिल करने की उम्मीद थी लेकिन एग्जिट पोल में ऐसा होता नहीं दिख रहा है. लेफ्ट और सेंट्रल पार्टी ने उसकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया है. अब यह देखना दिलचस्प होगा कि नेशनल असेंबली पर किसका नियंत्रण होगा तथा प्रधानमंत्री कौन बनेगा.
फ्रांस के संसदीय चुनाव में भारी उलटफेर होता दिख रहा है. संसदीय चुनाव के पहले अनुमानित परिणामों की घोषणा के बाद रविवार शाम (7 जुलाई) को पेरिस में जमकर बवाल मचा और पुलिस के साथ प्रदर्शनकारियों की झड़प हुई. एग्जिट पोल में अप्रत्याशित रूप से वामपंथी गठबंधन को सबसे अधिक सीटें मिली हैं जबकि राष्ट्रपति मैक्रों की पार्टी दूसरे नंबर पर है.
वहीं मजबूत मानी जा रही ले पेन की धुर दक्षिणपंथी पार्टी नेशनल रैली तीसरे नंबर पर रही है. इस पार्टी के बारे में जनमत सर्वेक्षणों ने भविष्यवाणी की थी कि यह सबसे बड़ी पार्टी रहेगी. किसी भी दल या गठबंधन को बहुमत न मिलने से फ्रांस में राजनीतिक और आर्थिक अस्थिरता देखने को मिल सकती है.
भड़की हिंसा
इस बीच, गठबंधन की बढ़त का संकेत देने वाले एग्जिट पोल के बाद फ्रांस की सड़कों पर हिंसा भड़क उठी है. कुछ ऐसे वीडियो सामने आए हैं जिनमें नकाबपोश प्रदर्शनकारियों को सड़कों पर उत्पात मचाते, आग जलाते और फ्रांस के कुछ हिस्सों में आग लगाते हुए देखा जा सकता है. डेली मेल की रिपोर्ट के अनुसार, अधिकारियों ने राजनीतिक तनाव बढ़ने की आशंका के चलते पूरे देश में 30,000 दंगा विरोधी पुलिस तैनात कर दी है.
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यह राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की पार्टी के लिए भी एक झटका है. चुनाव संसद को तीन बड़े समूहों में विभाजित कर देगा - वामपंथी, मध्यमार्गी और चरम दक्षिणपंथी. यहां अभी तक मिलकर सरकार चलाने की कोई परंपरा नहीं है.

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